अमर उजाला फाउंडेशन के विश्व रक्तदान दिवस पर आयोजित रक्तदान शिविर का सारथी बनने को ज्यादा तादाद में लोग आए। सरकारी ब्लड बैंक में खपत कम होने और महादानियों की कतार देख यूनिट ने हाथ खड़े कर दिए। जिस पर 22 लोगाें को ही रक्तदान करने का मौका मिल सका। 50 से ज्यादा लोग महादानी नहीं बन सके। रक्तदाता बनने से वंचित जिंदादिल लोगों ने फाउंडेशन की एक पुकार पर रक्तदान करने की बात कही।
सामाजिक सरोकार से जुड़ा अमर उजाला फाउंडेशन का यह कार्यक्रम सदर अस्पताल के ब्लड बैंक यूनिट में हुआ। उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रभारी डीएम एवं सीडीओ रामाश्रय ने किया। उन्होंने रक्तदान के लिए आगे आने वाले लोगों और ऐसे कार्यक्रम के आयोजनकर्ताओं के प्रयास को सराहनीय करार दिया। कहा कि अमर उजाला समय-समय पर ऐसे तमाम कार्यक्रम के साथ समाज में नजर आता है। उनका मानना है कि रक्तदान जैसे कार्यक्रम और होने चाहिए ताकि खून की कमी से जोखिम में पड़ने वाली जिंदगी को बचाने में मदद मिल सके।
विशिष्ठ अतिथि सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय ने कहा कि रक्तदान का कोई विकल्प नहीं है। रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनाया जा सकता है। ऐसी दशा में रक्तदाता बिना दूसरों को पड़ने वाली खून की जरूरत को पूरा करना संभव नहीं है। डीएसपी सदर समर बहादुर ने रक्तदाताओं को इस्तकबाल करते हुए उन्हें सही मायने में दाता करार दिया। सदर अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओपी द्विवेदी ने अमर उजाला फाउंडेशन की तारीफ करते हुए रक्तदाताओं को आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. पीके जायसवाल, अशोक कुमार सिंह, अशोक शुक्ला, अनीस अहमद, दीपक शाक्य, संतोष कुमार, प्रीति कुशवाहा, विभा पांडेय, पूजा तिवारी, सुलभ श्रीवास्तव, अजय यादव, जिला पत्रकार संघ पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह भदौरिया, संस्कार टीम के सीबी सिंह, कविता रस्तोगी, संतोष तिवारी मौजूद रहे।
डीएसपी मायूस, टीआई भी रह गए:- फतेहपुर। अमर उजाला फाउंउेशन के आह्वान पर रक्तदान करने मंगलवार को सदर अस्पताल पहुंचे ज्यादातर जिंदादिल महादानी बनने में पीछे रह गए। जिले के इकलौते ब्लड बैंक की मौजूदा समय में ब्लड स्टोरेज क्षमता 350 यूनिट की है।
गर्मी पड़ने, सदर अस्पताल की सेपरेट लाइन के काम न करने और खपत कम होने से ब्लड बैंक यूनिट के हाथ खड़े करने से किशन मेहरोत्रा, राजेंद्र साहू, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, आशीष सिंह, विश्वास चौरसिया, ऋषभ पटेल, विभव मान सिंह, नीरज मिश्रा, प्रमोद कुमार, अतुल कुमार शुक्ला, राजेंद्र साहू, दीपक कुमार, सुनीत सिंह डब्बू समेत 50 से ज्यादा लोग मायूस हो गए। इनमें सदर डीएसपी समर बहादुर से लेकर ट्रैफिक इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह भी शामिल रहे।
हम नहीं दे सकते खून तो क्या ... :- फतेहपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में सेहत नासाज होने के चलते शामिल होने से वंचित एसपी कलानिधि नैथानी ने अपनी कमी नहीं खलने दी। वह भले नहीं आ सके, लेकिन खाकी की खासी उपस्थिति रही। सामाजिक सरोकार से जुड़े इस कार्यक्रम से जुड़ने के एसपी के आह्वान पर पहले आने पर सबसे ज्यादा संख्या में पुलिस के रंगरूटों महा पुण्य कमाया। आरआई राजेंद्र सिंह के साथ आए 13 जवानों ने रक्तदान किया।
सारथी बनने को आई एनसीसी बटालियन:- फतेहपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान कार्यक्रम में 60 यूपी एनसीसी बटालियन ने बराबर का भागीदार बनने का संकल्प लिया। कर्नल विभय मान सिंह की भी तबियत नासाज थी। इसके बावजूद उन्होंने कार्यक्रम में एनसीसी कर्मियों के साथ जवान भेजे।
ब्लड बैंक यूनिट के पीछे हटने से एनसीसी कर्मी ही रक्तदान कर सके। कर्नल ने अमर उजाला फाउंडेशन का सारथी बनने की बात करते हुए सैन्य भर्ती परीक्षार्थियों का पंजीकरण कराकर ग्राम स्तर पर रक्त कोष तैयार करवाने में सहयोग देने की बात कही।
रक्तदान की ली शपथ, रक्तदान पर चर्चा:- फतेहपुर। विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर उद्योग व्यापार मंडल और संस्कार टीम की ओर से पटेल नगर चौराहा में संकल्प शपथ पत्र भरवाया गया, जिसमें 142 ने संकल्प पत्र भरकर आपातकालीन स्थिति में रक्तदान करने की शपथ ली। उधर, शार्प वेलफेयर एंड एजूकेशन सोसाइटी पुरानी बिंदकी ने भी विश्व रक्तदान दिवस पर गोष्ठी आयोजित की। संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सैनी ने रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों पर चर्चा करने के साथ रक्तदाता बनने के लाभ गिनाए।