फतेहपुर। विजयीपुर क्षेत्र में झोलाछाप के इलाज से मौतों के लगातार सामने आ रहे मामलों को डीएम निधि गुप्ता वत्स ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने बुधवार को विजयीपुर पीएचसी में तीन साल के दौरान झोलाछाप के इलाज से हुई मौतों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी डॉ. पीके सिंह को दी गई है।
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि कितने अस्पताल और क्लीनिक सील किए गए, उन्हें किसके आदेश पर दोबारा खोला गया, कितने अस्पतालों व पैथोलॉजी केंद्रों को नोटिस दिए गए और नोटिस के बाद क्या कार्रवाई हुई। जांच के आदेश के बाद पीएचसी अधीक्षक डॉ. बृजेश पांडेय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
नवंबर 2024 में सोनेमऊ निवासी भट्ठा मजदूर की मौत के बाद सील किए गए सद्गुरु क्लीनिक के दोबारा खुलने और वहां गलत इंजेक्शन से बच्ची यसी की मौत का मामला भी जांच के दायरे में है। वहीं पीएचसी की बाउंड्री से सटे डॉक्टर मनोज के क्लीनिक में छात्र शशांक की मौत ने भी सवाल खड़े किए हैं।
कुछ झोलाछापों ने नाम न छापने की शर्त पर कार्रवाई के नाम पर वसूली के आरोप लगाए हैं। सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच शुरू की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।