एसपी कार्यालय से गनर के साथ निकलते बहुआ ब्लाक प्रमुख संतोष पासवान। संवाद
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फतेहपुर। डीएम के निर्देश पर बहुआ ब्लाक प्रमुख संतोष पासवान को पुलिस की सुरक्षा दी गई है। इससे पूर्व संतोष की पत्नी चंदा ने डीएम अपूर्वा दुबे से मिलकर पति को अगवा किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि कुछ देर बाद ही संतोष ने सामने आकर आरोप को नकार भी दिया। डीएम का कहना है कि डोंगल छीने जाने के मामले की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में तीन अधिकारियों की कमेटी भी गठित की गई है।
पत्नी की ओर से अपहरण की शिकायत पर संतोष ने पुलिस को बताया कि जो लोग उसे ले गए थे, वह उनके साथ काम कर चुका है। उनके साथ अपनी मर्जी से गया था। संतोष ने भविष्य में किसी अनहोनी की आशंका जताई, इस पर उसे एक अंगरक्षक दिया गया।
पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने ब्लाक प्रमुख के अपहरण के प्रयास के संबंध में सीओ जाफरगंज अनिल कुमार को प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी ने बताया कि प्रमुख और उसके परिजनों के अलग-अलग बयान लिए जाएंगे और पूरी तहकीकात के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
डोंगल का प्रयोग किस तरह के कामों में हुआ और उससे हुए भुगतान की वास्तविक स्थिति पता करने के लिए सीडीओ, मुख्य कोषाधिकारी और अपर जिलाधिकारी की जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- अपूर्वा दुबे, जिलाधिकारी।
ब्लाक प्रमुख मामले की जांच-पड़ताल के लिए पुलिस कप्तान राजेश कुमार सिंह ने खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया है। टीम के सदस्य ब्लाक प्रमुख के पांच संरक्षकों (स्वयं घोषित ब्लाक प्रमुखों) का बायोडाटा तैयार करने में जुटे हैं। एसपी के निर्देश पर एलआईयू स्वयंभू प्रमुखों की पड़ताल में लग गई है। इस बात की तहकीकात की जा रही है कि जब ब्लाक प्रमुख संतोष आर्थिक रूप से कमजोर है तो पूरे ब्लाक में प्रमुख लिखी हुईं लग्जरी गाड़ियां किनकी हैं।