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पप्पू या संगीता में किसके सिर सजेगा जिपं अध्यक्ष का ताज?

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फतेहपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए भाजपा और सपा ने अपने-अपने पत्ते खोल दिए हैं। इस बार 10वें अध्यक्ष का चुनाव होगा। फिलहाल भाजपा से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष पति
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अभय प्रताप सिंह उर्फ पप्पू सिंह और सपा से संगीता राज पासी चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस और बसपा में सरगर्मी नहीं दिख रही है। ऐसे ने भाजपा और सपा ने अपने-अपने स्तर पर डीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए गोटें बिछानी शुरू कर दी हैं।
जिला परिषद से जिला पंचायत का गठन 1995 में हुआ था। इस दौरान बृजराज सिंह का अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा था। 1995 में जगनायक सिंह अध्यक्ष बने। जुलाई 1997 में अविश्वास प्रस्ताव के
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माध्यम से डॉ. अशोक पटेल अध्यक्ष बन गए। दिसंबर 1997 में डा. अशोक पटेल को हटाकर जगनायक सिंह फिर अध्यक्ष बने। अगस्त 2000 में सपा की रानी देवी पासवान अध्यक्ष बनीं। जनवरी 2006 में रेखा सिंह चौहान अध्यक्ष बनीं। शासन से अधिकार छिन जाने के कारण अध्यक्ष की जिम्मेदारी
बासुदेव पासी को मिली। मई 2010 में राजकुमार मौर्य अध्यक्ष बने। जनवरी 2011 में दोबारा राजकुमार मौर्य को अध्यक्ष चुना गया। जनवरी 2013 में रमेश चंद्र यादव को अध्यक्ष चुना गया। 2016 में डॉ. निवेदिता सिंह अध्यक्ष चुनी गईं।
अब एक बार फिर से नए जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होने जा रहा है। सपा और भाजपा प्रत्याशी आमने सामने आ चुके हैं। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने 27 जिला पंचायत सदस्यों
की परेड कराने का दावा कर रही है. वहीं, भाजपा के अभय प्रताप सिंह 38 सदस्यों का समर्थन हासिल होने की बात कह रहे हैं। अगर कांग्रेस और बसपा के प्रत्याशी सामने नहीं आते हैं, तो सपा और भाजपा के बीच मुकाबला होगा।
अगस्त 2000 में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति महिला को आरक्षित थी। इस दौरान सपा ने रानी देवी पासवान और भाजपा ने कृष्णा पासवान को चुनाव मैदान में उतारा था। तत्कालीन
कैबिनेट मंत्री भाजपा के राधेश्याम गुप्ता के राजनीतिक विरोधी भाजपा के ही पूर्व सांसद डा. अशोक पटेल ने सीताकली को चुनाव मैदान में उतारकर भाजपा की चुनावी गणित बिगाड़ दी थी। परिणाम
स्वरूप कृष्णा पासवान पराजित हो गईं। इसके कुछ ही दिन बाद कृष्णा पासवान को भाजपा ने किशनपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा और वह तभी से एक कार्यकाल छोड़कर लगातार विधायक बनती चली आ रही हैं।
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