फतेहपुर। जिला अस्पताल इन दिनों विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। मेडिकल कॉलेज से संबद्धता के बाद जिला अस्पताल में रिक्त पदों पर तैनाती का रास्ता बाधित हो गया है। इसके चलते जिला और महिला अस्पताल में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
प्रतिदिन करीब दो हजार मरीजों का भार झेल रहा जिला अस्पताल महज तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों के सहारे संचालित हो रहा है। जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली है। वर्ष 2021 में जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद जताई गई थी। पांच वर्ष बाद स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
जिला अस्पताल में 29 सृजित पदों के सापेक्ष केवल 16 स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। डेढ़ साल के भीतर चार डॉक्टरों के सेवानिवृत्त होने के बाद स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। वर्तमान में पुरुष जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर में 129 पदों के सापेक्ष केवल 67 डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं।
कई विभागों से विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्थानांतरण के बाद कुछ मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट हो गए। इससे इक्का-दुक्का डॉक्टरों पर मरीजों का भारी दबाव बढ़ गया है। इसके कारण जांच, भर्ती और दवा वितरण जैसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्धता के बाद अलग जिला अस्पताल निर्माण के लिए राधानगर क्षेत्र में जमीन भी चिह्नित की गई थी। शासन स्तर पर उपेक्षा के चलते यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी को लेकर अफसरों को अवगत करा दिया गया है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. राजेश कुमार, सीएमएस।