सर्राफ समेत दो कारोबारियों की हत्या और लूट को लेकर जिले भर में जबरदस्त
उबाल है। घटना को लेकर जिला दौरे पर पहुंचे अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद
के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुमंत गुप्ता ने कहा कि फतेहपुर जनपद अपराध और
अपराधियों का केंद्र बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन नहीं
चेता, तो आने वाले समय में स्थिति और बदतर होगी। उन्होंने शहर में चार दिन
पहले हुए दोहरे व्यापारी हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर 22 अप्रैल से
चौक चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष
गुरुवार को शहर के आवास विकास कालोनी स्थित अरुण कुमार जायसवाल एडवोकेट के
आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिले में अपराधों की बाढ़ आ गई है।
क्राइम ग्राफ को रोक पाने में पुलिस की कार्यशैली पूरी तरह से संदिग्ध
साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की लूट युक्त हत्या का
खुलासा और 11 नामजद समेत 150 अज्ञात के खिलाफ केस यदि वापस नहीं लिया जाता
है, तो वैश्य एकता परिषद का आंदोलन तय है।
शुक्रवार को चौक चौराहे पर परिषद
ने सुबह 10 बजे से पुलिस प्रशासन की बुद्धि शुद्धि को यज्ञ का आयोजन किया
है। शनिवार को चौक चौराहे पर ही धरना प्रदर्शन का आयोजन होगा।
उन्होंने
कहा कि इस पर भी अगर दोहरे हत्याकांड का खुलासा नहीं होता, तो 22 अप्रैल की
सुबह 11 बजे से चौक चौराहे पर वह स्वयं आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
इनके साथ
शहर व कस्बों के व्यापारी क्रमिक अनशन पर सहयोग के लिए बैठेंगे। उन्होंने
आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन हत्यारों को गिरफ्तार करने के बजाए मृत
व्यापारियों के परिवारों का पूछताछ के नाम पर उत्पीड़न कर रहा है। दोनों
परिवार दहशत में हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक उन परिवारों की सुरक्षा के कोई
इंतजाम नहीं किए हैं। इस मौके पर हीरालाल गुप्त, रामस्वरूप गुप्त, विनोद
गुप्त, वेदप्रकाश गुप्त, अरुण जायसवाल, धर्मेंद्र साहू, अनिल अग्रवाल आदि
प्रमुख रूप से मौजूद रहे।