राजकीय नलकूपों की मरम्मत में इस साल लाखों रुपये खपने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। सदर, बिंदकी व खागा तहसील के करीब 75 राजकीय नलकूप खराब हैं। कहीं मोटर फुंकने तो कहीं बिजली न होने की वजह से नलकूप बंद हैं।
बता दें कि यमुना तिरहार के असिंचित क्षेत्र को सिंचित बनाने के लिए राजकीय नलकूप लगे हैं। तिरहार क्षेत्र में राजकीय नलकूप ही सिंचाई के साधन हैं। रबी में गेहूं की फसल को अब सिंचाई की दरकार है। क्षेत्र के किसानों ने खराब नलकूपों को सही कराने के लिए सिंचाई बंधु व किसान दिवस में मांग कर चुके हैं। असोथर विकास खंड के मौहारी, रामनगर कौहान, सैंबसी गांव के राजकीय नलकूप तकनीकी खराबी से बंद हैं। विजयीपुर विकास खंड के डोलीपुर, रग्घूपुर, अवधूतपुर, भवानीपुर, चंदापुर, गाजीपुर, मलूकबारी गांव का नलकूप छह महीने से खराब हैं। इसी प्रकार खजुहा, अमौली, असोथर, विजयीपुर व धाता विकास खंड के राजकीय नलकूप खराब हैं।
सैंबसी गांव के किसान अशोक कुमार ने बताया कि गेहूं सींचना है। नलकूप खराब होने से सिंचाई व्यवस्था बाधित है। रग्घूपुर गांव के किसान संतोष कुमार ने बताया कि गांव में दो राजकीय नलकूप हैं और दोनों नलकूप अधिकारियों की अनदेखी से बंद हैं। गांव के किसानों को फसल सिंचाई का लाभ नहीं मिल रहा है। नलकूप आपरेटर भी कभी नहीं आता है। अधिशासी अभियंता अनिल कुमार सिंह का कहना है कि जिन नलकूपों की बोरिंग खराब हो चुकी है। उनकी मरम्मत नहीं कराई जाएगी। मरम्मत की श्रेणी में आने वाले नलकूपों को सही कराया जा रहा है।