फतेहपुर। कन्नौज जेल प्रशासन को चकमा देकर बंदियों के भागने की घटना के बाद मंगलवार को बरेली जेल डीआईजी कुंतल किशोर जिला कारागार का निरीक्षक करने पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक जेल का निरीक्षण किया। टीम से बैरिकों की जांच कराई। उन्होंने तकनीकी खामी की वजह से बंद मिले 25 सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। कारागार में 650 बंदियों के सापेक्ष 87 बंदी रक्षक तैनात हैं।
डीजी जेल के आदेश पर बरेली जेल डीआईजी मंगलवार शाम करीब चार बजे टीम के साथ क्राॅस चेकिंग के लिए जिला कारागार पहुंचे जबकि जिला कारागार सेंट्रल नैनी जेल के आधीन है। उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था के पाॅइंट, ड्यूटी रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर, बैरिकों, कैटीन की जांच कराई। बुजुर्ग बंदियों का हाल जाना। बंदी बैरिकों की डीआईजी की टीम ने तलाशी ली।
इस दाैरान 18 बैरकों की निगरानी के लिए लगे 60 सीसीटीवी कैमरों में करीब 25 कैमरे तकनीकी खराबी के चलते बंद मिले। डीआईजी ने जिला कारागार में निरुद्ध आठ संवेदनशील अंतरजनपदीय स्थानांतरण में निरुद्ध बंदियों की कड़ी निगरानी के आदेश दिए। अधिकारी व कर्मचारियों को सतर्कता से ड्यूटी करने के लिए कहा। कहा कि बंदियों की गणना के समय किसी तरह की चूक न हो। जेलर अनिल कुमार ने बताया कि डीआईजी के निरीक्षण में कोई भी खामी नहीं पाई गई है। सीसीटीवी कैमरे जिला स्तर पर बनवाए जाएंगे। संवेदनशील बंदी कैमरे की निगरानी में रहते हैं।
मेन वाॅल पाॅइंट पर त्रिस्तरीय सुरक्षा
जिला कारागार में 24 घंटे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पांच पोस्ट पाॅइंट हैं। इन पाॅइंट पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व अलार्म का इंतजाम है। हर पोस्ट पर बंदी रक्षक, प्रधान बंदी रक्षक की जगह-जगह पर तैनाती है। इसका निरीक्षण डिप्टी जेलर और जेलर करते हैं।
जेल अधीक्षक को कैमरे दुरुस्त कराने के निर्देश
सीसीटीवी कैमरे को दुरुस्त रखने का काम शासन स्तर की एजेंसी को सौंपा गया था। खराब सीसीटीवी कैमरे बनवाने के लिए जिला कारागार से पत्राचार किया जाता था। इस प्रक्रिया में लेटलतीफी होती है। इसी वजह से कैमरे बिगड़े रहते हैं। डीजी ने सभी जेलों के कैमरे अपने स्तर पर ठीक कराने के लिए जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं।