फोटो-05-ज्वालागंज स्थित रोडवेज में यात्री के इंतजार में खड़ी बसें। संवाद
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फतेहपुर। रोडवेज बसों में डीजल की चोरी और हेराफेरी रोकने के लिए डिपो की 95 बसों के ईंधन टैंक में सेंसर लगाए जाएंगे। इनकी मदद से टैंक में डीजल के स्तर और खपत की निगरानी की जा सकेगी। इससे ईंधन की बर्बादी रोकने और खर्च का हिसाब रखने में मदद मिलेगी।
परिवहन निगम की नई बसें अब कंपनी से ही सेंसर लगकर आ रही हैं। वहीं डिपो में पहले से संचालित बसों में भी यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। सेंसर लगने के बाद बसों के संचालन के दौरान टैंक में डीजल के स्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखी जा सकेगी। इससे ईंधन की खपत का आकलन करने के साथ ही गड़बड़ी सामने आने पर जांच करना भी आसान होगा।
रोडवेज बसों के संचालन में डीजल पर काफी खर्च होता है। सेंसर के जरिये डीजल की स्थिति पर नजर रखने से संभावित चोरी और हेराफेरी पर अंकुश लगाने में भी सहूलियत होगी। एआरएम एसपी सिंह ने बताया कि डिपो की 95 बसों में सेंसर लगाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य ईंधन प्रबंधन को पारदर्शी बनाना और डीजल की बर्बादी व चोरी पर रोक लगाना है। सेंसर लगाने का काम कब तक पूरा होगा, इसकी समय-सीमा अभी निर्धारित नहीं है।