बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की आपत्तिजनक टिप्पणी से अधिवक्ता समाज नाराज है। अधिवक्ताओं ने जातिसूचक टिप्पणियां करने वाले व्यक्तियों से राजनीति का आधार छीन लिए जाने की वकालत की। ऊल-जुलूल की बातें कर सस्ती राजनैतिक लोकप्रियता हासिल करने वाले राजनीतिक साख की मिट्टी पलीता कर रहे हैं।
बुधवार शाम को बसपा कार्यकर्ताओं ने पटेल नगर चौराहा में दया शंकर सिंह का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया था। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित युवा अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव उर्फ मोनू लाला के चैंबर में जुटे अधिवक्ताओं ने भाजपा नेता के बयान की निंदा की। अधिवक्ता विकास ने कहा कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को गाली देने वाले भाजपा नेता दया शंकर सिंह को पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष समेत अन्य पदों से छुट्टी कर दी है। पार्टी से हटाने का काम नहीं किया है। ऐसे लोगों को पार्टी में भी नहीं रखा जाना चाहिए।
अधिवक्ता अनुराग नारायण मिश्र ने भी राजनैतिक पार्टियों से अमर्यादित टिप्पणी करने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाए जाने की बात कही। बैठक में अधिवक्ता योगेंद्र सिंह, अमित त्रिपाठी, बृजेंद्र पटेल, ओम प्रकाश गौतम, संजय सिंह गौतम, भारत विरल, अभिषेक दुबे, राम औतार, अमित यादव, आनंद सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे।
बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ बेजा टिप्पणी करने के मामले में कार्यकर्ताओं में उबाल दूसरे दिन भी जारी रहा। राधानगर चौराहा में जुटे बसपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए भाजपा नेता दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए पुतला फूंका।
बहुजन सर्वजन युवा टीम के प्रभारी दिनेश खलीफा के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ता मोदी सरकार घमंडी है, भाजपा में बड़बोलों की मंडी है। झूठी सरकार हाय हाय आदि नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। 11 जुलाई को दलितों पर अत्याचार करने वाली गुजरात सरकार और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या की घटना के बाद बसपा सुप्रीमो के खिलाफ अपमानित टिप्पणी कर भाजपा ने अपना असली चेहरा समाज के सामने ला दिया है।
अंबेडकर जयंती में भाजपा नेताओं के बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने के पीछे राजनीतिक स्टंट था। असल में दलितों पर फूट डालने के लिए कुचक्र रचा गया था। पुतला फूंकने के कार्यक्रम में शिवाकांत दीक्षित, भोले ठाकुर, ओम प्रकाश, गोलू ठाकुर, शुभम त्रिवेदी, शिवम सिंह, नीरज तिवारी, कुलदीप सिंह, नंदलाल गौतम, शहनबाज, पिंटू सिंह, खेलावन गौतम, विभोर द्विवेदी मुख्य रूप से मौजूद रहे।