पांच पर्वों का महापर्व दीपावली धूमधाम से मनाने के
लिए हर किसी में उत्साह है। धनतेरस में लोगों ने जहां सोने, चांदी की
ज्वैलरी के साथ इलेक्ट्रानिक, फर्नीचर आदि की जमकर खरीददारी की, वहीं
धनतेरस के दिन कुबेर और यमराज की पूजा के साथ देवताओं के वैद्य धनवंतरि ऋषि
की भी पूजा हुई। लोगों ने घरों के द्वार पर दीप भी जलाए।
धनतेरस के
दिन देवताओं के वैद्य धनवंतरि ऋषि अमृत कलश सहित सागर मंथन से प्रकट हुए थे
इसलिए धनवंतरि जयंती भी मनाई गई। लोगों ने घरों में वृष लग्न सांय 5.27 से
रात्रि 7 बजकर 24 मिनट पर पूजा अर्चना की।
धनाध्यक्ष कुबेर जी महाराज,
यमराज की विधि विधान से पूजा की और उन्हें सोने चांदी आदि की वस्तुएं
अर्पित की। भक्तों ने ओम श्री कुबेराय नम: मंत्र का जाप किया।
साथ ही माता
लक्ष्मी को आसन पर विराजमान कराकर श्री सूक्तम का पाठ और हवन किया। कनक
धारा स्त्रोतम्, लक्ष्मी चालीसा व लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ कर मिठाई,
लावा व चीनी का भोग लगाया।
धनतेरस पर शहर के चौक इलाके में मेले जैसा नजारा
रहा। यहां कपड़ा, ज्वैलरी, इलेक्ट्रानिक, क्राकरी आदि की दुकानों में
लोगों की जबरदस्त भीड़ रही। किसी ने धनतेरस में फ्रीज खरीदी तो किसी ने
टीवी और मोबाइल लेकर शुभ किया।
सभी ने अपनी-अपनी जेब के मुताबिक खरीदारी
की। इसके अलावा आभूषणों की दुकानों में भी ग्राहकों की रौनक देखते बनी।
ठठराही इलाके में बर्तनों की दुकानें लाइन से लगी रहीं जिसमें लोगों कुकर,
फ्राई पैन, चम्मच, कटौरी, प्लेट आदि खरीदा।