मां ज्वाला देवी का सजा भव्य दरबार
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मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के पहुुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने घरों में दुर्गा सप्तशती के पाठों व कन्या भोज कराया। ज्वाला जी मंदिर का भव्य श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा।
ठठराही की बड़ी काली मां, लंका रोड की मां शीतला देवी, पैगंबरपुर की छोटी काली मां, मीरखपुर की मां विध्यवासिनी, अमौली विकास खंड में रामपुर की मां काली देवी, भौराजपुर की मां नांदला देवी, सरहन बुर्जुग की मां तेरहिन देवी, खजुहा विकास खंड में मां पथेश्वरी देवी, मदरी की पाथा देवी, खूंटा झाल व सुल्तानगढ़ में मां काली देवी, जहानाबाद में अंबिका माता, रिंद नदी किनारे अष्टभुजी देवी सहित बकेवर, देवमई, औंग, चौडगरा, मलवां में मां के मंदिरों में पूजा-अर्चना की।
नारियल फोड़कर मन्नतें मानीं। देर शाम गीत, संगीत के साथ महिलाओं ने भजन कीर्तन गाए।