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सावन के दूसरे सोमवार में भक्तों ने किया जलाभिषेक

Tue, 11 Aug 2015 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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हर हर महादेव और ओम नम: शिवाय की गूंज से शिवालय भोर पहर से गूंजने लगे। श्रवण मास के दूसरे सोमवार में जिले के सभी शिवालयों में भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। देवाधिदेव महादेव के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। वहीं नाचते गाते कावंरियों का जत्था तांबेश्वर मंदिर पहुंचा। शिवालयों में भक्तों की जबरदस्त भीड़ संभालने के लिए पुलिस मुस्तैद रही। हजारों की संख्या में पहुंचे महिला और पुरुष भक्तों ने जयकारे लगाए।
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भोर पहर से ही तांबेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर लाइन लगाने लगे। सावन के दूसरे सोमवार को ओम नम: शिवाय और बोल बम के जयकारों के बीच भूत भावन भोले शंकर का जलाभिषेक किया गया। हुसैनगंज संवाददाता के अनुसार भृगुधाम भिटौरा स्थित ओम घाट में दूर दराज से श्रद्धालु पहुंचे और गंगा नदी में पुण्य की डुबकी लगाई। सावन के महीने में अलग अलग स्थानों पर रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय का जाप कराया गया। आचार्यों ने विधि विधान से आयोजन कराए और भक्तों ने मनोवांछित फल की कामना की।

 भगवान मनकामनेश्वर पूरी करते मुरादें
नगर के प्राचीन मनकामनेश्वर मंदिर में आस्था से पूजा अर्चना करने पर भक्तों की सभी       मनोकामनाएं पूरी होती हैं। श्रावण मास में हर दिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है। सोमवार को आसपास गांवों के सैकड़ों भक्त आते हैं। लगभग 25 वर्ष पहले कस्बे के राजेंद्रनाथ ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। बताते हैं कि शिवलिंग को ऊपर उठाने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन शिवलिंग हिला नहीं। पुजारी रामबलीदास ने बताया कि सच्चे मन से जो भी भक्त पूजा अर्चना करते हैं। उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लाल सिंह ने बताया कि मंदिर बहुत पुराना है।                                                                                व
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जहानाबाद कस्बे के पूरनपुर मे बने राजराजेश्वर शिवमंदिर की पूजा करके कोई अदृश्य शक्ति चली जाती है। इस मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना है। यहां मन्नतें मांगने पर भक्तों की मुरादें पूरी होती हैं। सावन माह में सैकड़ों कांवरिया गंगा जल लेकर आती है और जलाभिषेक कराते हैं। भक्तों के आकर्षण का केंद्र बने इस मंदिर में प्रति माह धार्मिक अनुष्ठानों के  आयोजन होते रहते हैं।  कस्बे के सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की रात्रि में पूजा आज भी कोई अदृश्य शक्ति करके चली जाती है। इसके बाद शिवलिंग की पूजा अन्य भक्त करते हैं। भक्तों ने कहा कि यहां मन की मुरादें पूरी होती हैं।                                प्रस्तुति संतोष त्रिपाठी
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