किशनपुर पीएचसी के सरौली गांव निवासी जितेंद्र सिंह(50) विजईपुर ब्लाक के एकडला जूनियर हाईस्कूल में सहायक शिक्षक पद पर तैनात थे। उन्हें पांच दिन पहले बुखार आया था। जिस पर परिजन शहर के राम सनेही मेमोरियल हास्पिटल लेकर आए थे।
दो दिन यहां पर इलाज चला। राहत न मिलने पर उन्हें कानपुर के रिजेंसी में ले जाकर भर्ती कराया गया था। पैथालॉजी जांच में उन्हें गुरुवार को डेंगू की पुष्टि हुई। इसी रात शिक्षक की मौत हो गई। इधर, महेशपुर मठेठा गांव निवासी प्राइमरी स्कूल में कक्षा छह के छात्र अमित यादव (10) को एक हफ्ते से बुखार आ रहा था।
अमित की हालत बिगड़ने पर परिजनोें ने जांच कराई तो प्लेटलेट्स की संख्या काफी कम निकली। किशोर ने गुरुवार की रात दम तोड़ दिया। किशोर की मौत पर शुक्रवार को स्कूल में दो मिनट का मौन रखकर मृतक की आत्मा की शांति की कामना की गई।
अमौली प्रतिनिधि के मुताबिक कुम्हारनखेड़ा निवासी राकेश कुृमार बुखार पीड़ित बेटी काजल (7) को लेकर शुक्रवार सीएचसी अमौली आए थे। यहां ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय मासूम को सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
बकौल राकेश, सीएचसी में समाजवादी एंबुलेंस बुलाने के लिए कॉल की। कॉल पर जब एंबुलेंस नहीं मिली तो उसने अस्पताल के स्टाफ से सहयोग मांगा, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। जिसके चलते बेटी ने सीएचसी परिसर में ही दम तोड़ दिया। उधर, ड्यूटी में तैनात डॉ. विपुल शुक्ला ने उन्होंने मासूम की हालत देखने के बाद रेफर किया था।