बिंदकी। कुंवरपुर रोड स्थित राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित 15वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन शनिवार को 197 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। वर्चुअल प्लेटफॉर्म जूम के माध्यम से आयोजित सम्मेलन में लैंगिक हिंसा, समानता, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें देश-विदेश के शिक्षकों और शोधार्थियों ने सहभागिता की।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता प्रोफेसर राजीव रंजन, फॉरेन एक्सपर्ट (इंडिया), स्कूल ऑफ ओरिएंटल लैंग्वेजेज, झेनजियांग यूएक्सियू यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन लैंग्वेजेज, चीन और श्रीलंका के सबरागमुवा विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की व्याख्याता डॉ. दिलंका रसांगी नानायकारा ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक दृष्टिकोण से विषय के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
प्रस्तुत शोधपत्रों के माध्यम से समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता और हिंसा से जुड़ी चुनौतियों पर विमर्श किया गया। साथ ही सामाजिक समस्याओं के समाधान में शोध और अकादमिक संवाद की भूमिका पर भी विचार साझा किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सपना पांडेय ने की, जबकि संचालन डॉ. अमित जायसवाल ने किया। सम्मेलन संयोजक डॉ. अरविंद शुक्ल ने अतिथियों, वक्ताओं, शोधार्थियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार जताया।