फतेहपुर। जमीन पर कब्जे के विवाद में भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी के पक्ष से हिस्ट्रीशीटर की ओर से आठ राउंड फायरिंग की पुष्टि पुलिस जांच में हुई है। पुलिस का दावा है कि सेवरामऊ गांव के हिस्ट्रीशीटर भाइयों ने भाजपा नेता के कहने पर गोलियां चलाई थीं। मामले में भाजपा नेता अजय सिंह समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
छात्र संघ के पूर्व महामंत्री दीपू पटेल, हिस्ट्रीशीटर गजानन मिश्रा पर एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। एक राइफल बरामद हुई है जबकि दूसरी की तलाश में दबिश दी जा रही है। वहीं भाजपा नेता की दो कारें भी सीज की गई हैं।
थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा हाईवे पर विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में बवाल हुआ था। एक पक्ष में जमरावां वार्ड के जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी और दूसरे पक्ष में विवादित भूमि कृष्णा सिंह उर्फ ननकी के परिवार के विहिप प्रखंड ब्लॉक अध्यक्ष अजयराज सिंह उर्फ रिंकू शामिल रहे। पुलिस ने दोनों पक्षों के 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
विवेचना में सामने आया कि फायरिंग अजय सिंह उर्फ रिंकू पक्ष से हुई। पुलिस के अनुसार, गाजीपुर थाना क्षेत्र के सेवरामऊ निवासी हिस्ट्रीशीटर बलराम मिश्रा ने राइफल से गोलियां चलाईं। उसका हिस्ट्रीशीटर भाई गजानन भी फायरिंग में शामिल था।
पुलिस ने अजय सिंह, बलराम मिश्रा, पुत्तू उर्फ सुरेंद्र और गुड्डू पटेल को गिरफ्तार किया है। पकड़ से दूर गजानन मिश्रा और दीपू पटेल पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एक राइफल बरामद हो चुकी है, जबकि दूसरी की तलाश जारी है।
दूसरे पक्ष के सगे भाई कृष्णा सिंह के पुत्र वीरेंद्र, सत्येंद्र और शुभम सिंह राठौर का शांतिभंग में चालान किया गया। विहिप नेता अजयराज और देवेंद्र सिंह जिला अस्पताल में भर्ती हैं। दूसरे पक्ष के पास भी कई असलहे हैं, लेकिन जांच में घटना में उनकी संलिप्तता नहीं मिली।
बवाल के एक दिन पहले था रिंकू का जन्मदिन
बवाल से ठीक एक दिन पहले रिंकू सिंह का जन्मदिन था। सोशल मीडिया और फेसबुक पर समर्थकों ने उन्हें जमकर बधाई दी थी। जन्मदिन धूमधाम से मनाए जाने के अगले ही दिन जमीन विवाद में हुई फायरिंग के मामले में रिंकू सिंह की गिरफ्तारी हो गई।
जिसका पलड़ा भारी, उसका हो गया रिंकू लोहारी
राजनीतिक गलियारों में रिंकू लोहारी की नेताओं से नजदीकी की चर्चा होती रही है। सोशल मीडिया पर उनके बड़े नेताओं के साथ फोटो भी वायरल हैं। सपा शासन में जब राकेश सचान जिले के सांसद थे, तब रिंकू लोहारी उनके करीब नजर आते थे। सत्ता बदलने के बाद वह पूर्व राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह के इर्द-गिर्द दिखे। इसके बाद पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति के साथ नजर आए। राकेश सचान के कैबिनेट मंत्री बनने के बाद उनके साथ और जिले के अन्य नेताओं के साथ भी उनकी तस्वीरें सामने आती रहीं।
कई सफेदपोश व इलाकाई पुलिस भी रडार पर
बवाल की जांच में एसपी की नजर कई सफेदपोशों और इलाकाई पुलिस पर भी है। चर्चा है कि भूमि कब्जे के विवाद में अन्य लोग भी शामिल रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। रिंकू सिंह की पुलिस और प्रशासन के बीच मजबूत पकड़ होने की भी चर्चा रही है।
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गोलियां रिंकू लोहारी पक्ष से चलाई गईं। जांच में इसकी पुष्टि के बाद रिंकू सिंह पक्ष के खिलाफ हत्या की कोशिश के आरोप में कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेजा जाएगा।
- अभिमन्यु मांगलिक-एसपी
15 अप्रैल को हदबंदी का आदेश अजय सिंह उर्फ रिंकू के पक्ष में किया गया था। इस आदेश के विरुद्ध कोई शिकायत उनके न्यायालय में नहीं आई। हदबंदी के विरुद्ध शिकायत होने पर सुनवाई की जाएगी। वर्तमान में सुनैना देवी पक्ष की वरासत खारिज हो चुकी है। कृष्णा देवी पक्ष की मूल मुकदमे में वापसी हुई है।
- लक्ष्मी बाजपेई, नायब तहसीलदार।
फोटो-46-जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी। संवाद
फोटो-46-जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी। संवाद
फोटो-46-जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी। संवाद
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