पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद गमगीन परिजन।
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जन्माष्टमी पर्व पर मटकी फोड़ने का कार्यक्रम देख रहे परिवार पर सोमवार की रात कोठरी भरभरा कर ढह गई। हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई। मां समेत परिवार के चार सदस्य मलबे में दबने से घायल हो गए। कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई। लोगों ने मशक्कत से परिवार के लोगों को बचाया।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव मछरिया निवासी रामनरेश यादव दरवाजे पर रात को ग्रामीणों के साथ कृष्ण जन्मोत्सव मना रहे थे। कृष्ण जन्म के बाद मटकी फोड़ने का कार्यक्रम हो रहा था। रामनरेश की पत्नी संपतिया(40) व निशा(12) कोठरी में लेटी थीं। बाहर बरामदे में विवाहित बेटी प्रियंका, माया, प्रीती और बेटा अमन कार्यक्रम देख रहे थे। घर की कच्ची कोठरी करीब साढ़े 12 बजे भरभरा कर ढह गई। मलबे में मां-बेटी दब गईं। बरामदे की ढही दीवार कीचपेट में बेटियां व बेटा आ गया। इन लोगों को आनन फानन में ग्रामीणों ने बाहर निकाला।
कोठरी का मलबा खासी मशक्कत के बाद हटाया जा सका। संपतिया और निशा को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। डाक्टरों ने निशा को मृत घोषित कर दिया। रामनरेश ने बताया कि बेटी गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ती थी। पत्नी की हालत गंभीर है। एसओ धीरेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना राजस्व कर्मियों को देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। राजस्वकर्मी क्षति का आकलन कर रहे हैं।