फतेहपुर। मौसम की मार से किसान उबर नहीं पा रहे हैं। एक तरफ सीजन भर बारिश न होने से जहां धान की फसल प्रभावित हुई। वहीं सितंबर माह की शुरुआत से बीच-बीच हो रही बारिश सब्जियों की फसल हो नुकसान पहुंचा रही है। पिछले चार दिनों की बारिश ने तिलहनी और सब्जी की फसलों में भारी नुकसान का अंदेशा है।
जिले में 13 सितंबर से 16 सितंबर तक रुक-रुककर बारिश हुई है। अब तक बारिश न होने से किसान धान की फसल को लेकर चिंतित थे। चार दिन की बारिश धान की फसल के लिए तो वरदान साबित हुई, लेकिन जिन किसानों ने तिलहनी और सब्जी की फसलें उगाई हैं। इस बारिश ने उन किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्होंने तिल व हरी सब्जी की खेती की है।
सब्जियों की फसल खराब होने से किसानों को दोबारा बुआई करनी पड़ेगी। इससे उनकी लागत का खर्च बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा। समय से बाजार में कम आवक और ज्यादा डिमांड के चलते सब्जी का भाव भी बढ़ सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के कृषि वैज्ञानिक डॉ. नौशाद आलम ने बताया कि अभी तक जितनी बारिश हुई है वह धान की फसल के लिए फायदेमंद होगी। जहां धान की फसल में बालियां निकल आई हैं, उन्हें थोड़ा नुकसान होगा। जिन खेतों में पानी का भराव हुआ है, वहां सब्जी की फसलें बर्बाद हो जाएंगी।
इन फसलों पर बारिश का असर
इस बारिश से तिल, तोरिया, लौकी, कद्दू, पालक, सोया, मेथी, गाजर, मूली, फूल गोभी, पत्ता गोभी, धनिया, करेला, बैगन, मिर्च आदि फसलों में नुकसान होना तय है।
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बारिश होने से तरोई की खराब हुई फसल। संवाद- फोटो : FATEHPUR