फतेहपुर दुर्गा मंदिर में पूजा करती महिलाएं
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ढोलक की थाप और मंजीरों की धुन पर शनिवार को महिलाओं ने मां शेरावाली का गुणगान किया। नवरात्र के दूसरे दिन भक्तों ने मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी और तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की आराधना की। हर तरफ मां के जयकारे की गूंज रही।
आचार्य दुर्गादत्त शास्त्री के मुताबिक इस बार तृतीया तिथि का क्षय होने से द्वितीय और तृतीय एक साथ मनाई गई। ब्रह्मचारिणी और चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की गई। मंदिरों में आचार्यों ने मंत्रोच्चारण के बीच दुर्गा सप्तशती का पाठ किया।
शहर के तुराबअली का पुरवा स्थित शीतला मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर मां की स्तुति की और मइया को लाल चुनरी भेंट की। शेरावाली माता तेरी सदा ही जय, प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी गीत पर भक्त झूमे। इसी प्रकार कालिका मंदिर में आदि शक्ति मां जगदंबा का ध्यान करते हुए भोग लगाया।
हरिहरगंज स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों की भीड़ रही। यहां देवी के नौ स्वरूपों के दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। मंदिर देवी मइया के दर्शन करने आई हरिहरगंज निवासी पूर्णिमा, सरोज बाजपेई ने बताया कि वह हर वर्ष नवरात्रि में देवी मइया के दर्शन करने आती हैं। माता रानी सबकी बिगड़ी बनाती हैं। सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से भक्त की हर मुराद पूरी होती है।