थरियांव। अस्थाई गोशाला बनाए जाने के बाद भी किसानों को अन्ना मवेशियों से छुटकारा नहीं मिला। अन्ना मवेशियों के झुंड एक झटके में फसलों को चट कर देते हैं।
खेत के एक किनारे रहकर फसलों की रखवाली करने वाले किसानों को कोहरे की वजह से खेत में घुसे मवेशी दिखाई भी नहीं देते हैं। ऐसे में किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
क्षेत्र के सातों, मटिहा, नरैनी क्षेत्र में अन्ना मवेशी झुंड बनाकर घूमते हैं। इन मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए कड़ाके की ठंड में किसान फसलों की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन इस समय कोहरा व धुंध किसानों के लिए मुसीबत बन गया है।
खेत के एक छोर पर बैठ कर रखवाली कर रहे किसानों को कोहरे की धुंध की वजह से दूसरे छोर का कुछ नजर नहीं आता है। ठंड की वजह से किसान खेतों के चक्कर लगाकर फसलों की रखवाली नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में अन्ना मवेशी फसलों को नष्ट कर देते हैं।
सातों गांव के किसान चिंकू सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल को अन्ना मवेशी नष्ट कर रहे हैं। फसलों पर इतनी ओस रहती है कि खेत में घूमकर रखवाली की जाए तो कपड़े की गीले हो जाएंगे। कड़ाके की ठंड में खेतों के चक्कर लगाकर रखवाली नहीं की जा सकती है।
नरैनी के मोहित श्रीवास्तव ने कहा कि गोशाला बनाने के बाद भी अन्ना मवेशियों से राहत नहीं मिली है। रात दिन खेत में रहकर रखवाली करने के बाद भी फसलें नहीं बच पाती हैं। उनकी दो बीघा गेहूं की फसल को ये मवेशी पूरी तरह से चट कर गए हैं।
अन्ना मवेशियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर गोशाला खोलने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। जब ग्राम पंचायत स्तर पर गोशाला बन जाएंगे, तो अन्ना मवेशियों की समस्या एकदम खत्म हो जाएगी। - डॉ.आरके शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
किसान चिंकू सिंह - गेंहू की फसल चट कर रहे अन्ना मवेशी- फोटो : FATEHPUR
किसान मोहित श्रीवास्तव - गेंहू की फसल चट कर रहे अन्ना मवेशी- फोटो : FATEHPUR