फतेहपुर। हुसैनगंज थाना क्षेत्र में आग से जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मिलने कांग्रेस की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ऊषा मौर्या गांव पहुंचीं। उन्होंने परिवार की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ परिजनों और ग्रामीणों से घटना की हकीकत जानी। गांव में लोग बाहरी लोगों से मिलने से कतराते दिखे। कुरेदने पर हां न में सवाल जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया।
थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 दिसंबर को रिश्ते के चाचा ने पड़ोसी भतीजी के साथ दुष्कर्म कर उसे केरोसिन डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की थी। अब उसका इलाज कानपुर के हैलट में हो रहा है। वहां उसकी हालत चिंताजनक बनी है। सोमवार की शाम कांग्रेस की पूर्व उपाध्यक्ष ऊषा मौर्या ने पीड़िता की बहन से मिलकर घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों से भी बातचीत ली। थाने के उपनिरीक्षक प्रवीण चक्रवर्ती से सुरक्षा को लेकर पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है। फिर भी एहतियात के तौर पर पुलिस सुरक्षा में तैनात है।
पीड़िता के बयान को बल मिला
घटना को लेकर पहले दिन से प्रशासन और पीड़िता के बयान से विरोधाभास की स्थिति है। जिला प्रशासन युवती के खुद आग लेने की दलील के इर्द-गिर्द है। इसके तहत कुछ वीडियो भी वायरल हुआ। हालांकि राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य कमलेश गौतम ने जिस तरह से मीडिया से बातचीत में प्रशासन और ग्रामीणों की तरफ से पेश सफाई को लेकर सवाल जवाब किया उससे पीड़िता के बयान को बल मिला है।
पीड़िता को एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजने की पहल
थानेदार निशिकांत राय ने बताया कि पीड़िता की हालत हैलट में स्थिर बनी है। उच्चाधिकारी और अच्छा इलाज मुहैया कराने के लिए दिल्ली भेजने के लिए प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही पीड़िता को एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा जा सकता है। बताया कि गांव में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। फिर एक उपनिरीक्षक, दो सिपाही और एक चौकीदार मुस्तैद हैं।
फोटो-22- हुसैनगंज थाना क्षेत्र के गांव में पीड़िता के परिवार की सुरक्षा में तैनात पुलिस
11- पीड़िता के गांव हालचाल जानने पहुंची कांग्रेस की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ऊषा मौर्या