एक स्कूल में आयोजित सेमिनार में मंच पर डीजीपी सुलखान सिंह को डकैती व बलवा के वारंटी ने मोमेंटो भेंट किया। इसके बाद यह मामला गरमा गया है। विपक्षी इसे जहां कार्यक्रम की आड़ में प्रशासन पर रुतबा बनाने, गिरफ्तारी से बचने की बात कह रहे हैं, वहीं पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है।
अपराध नियंत्रण में शिक्षा की भूमिका विषयक सेमिनार का आयोजन दूधी कगार स्थित सद्गुरु गुरुकुल में आयोजित था। कार्यक्रम में डीजीपी सुलखान सिंह पत्नी सुमन सिंह के साथ शामिल हुए। आयोजकों में माला पहनाने की होड़ चली तो इसी बीच डकैती व बलवा का वारंटी मोमेंटो भेंट करने पहुंच गया।
उसे देखते ही मीडिया में खलबली और पुलिस में बचाव की मुद्रा दिखने लगी। आरोपी ने मोमेंटो भेंट किया और कुछ देर खड़ा रहा। इधर, डीजीपी ने मीडिया को बात करने के लिए बुलाया तो वहां जैसे ही वारंटी के मौजूद होने का मुद्दा उठा, डीजीपी ने उसे यह कहते हुए टाल दिया कि हर वारंटी की गिरफ्तारी हो, यह जरूरी नहीं, वह कोर्ट से जमानत लिया हुआ भी तो हो सकता है।
पहले यह देखा जाना चाहिए कि वह जमानत पर है या नहीं। इधर, तब तक आरोपों से घिरा शख्स कार्यक्रम के बीच से चला गया। इस मामले में थाना प्रभारी जीपी सिंह ने बताया कि आरोपी का अरेस्ट स्टे रहा है। जिला कोर्ट से अब वारंट जारी हुआ है।