जिले की जेल में बंद पांच शातिरों का नेटवर्क पुलिस से तेज निकला। यह जेल में रहते हुए अपराध का ताना-बाना बुन रहे थे। पुलिस और प्रशासन की इन पर शिकंजा कसने की कोशिश बेकार हुई। ऐसे में मजबूर होकर पुलिस और प्रशासन ने इनके खिलाफ शासन को रिपोर्ट दी और इन शातिरों को दूसरे जिलों की जेल में ट्रांसफर कर दिया गया। इनमें कौशलेश पीएसी का बर्खास्त सिपाही है और उस पर एमपी तक में संगीन मामले दर्ज हैं।
हाईप्रोफाइल लूट, हत्याकांड की घटनाओं में अक्सर जेल से ही पूरा गिरोह संचालित होने के मामले सामने आते रहे हैं। कई सनसनीखेज घटनाएं जिले में हुई है जो पुलिस के गले में हड्डी बनी है। इसके बाद भी घटनाओं पर काबू नहीं पाया जा रहा था।
पुलिस प्रशासन ने अपराध रोकने के लिए जिला कारागार में बंद कुख्यातों का पड़ोसी जिलों की जेल में स्थानांतरण कराया है। स्थानांतरित बंदियों के अपराधों की सूची एक दर्जन के पार है। पीएसी में जवान रहे कौशलेश का पूर्वांचल में खौफ और आतंक है।
पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि पांच बदमाशों का जेल स्थानांतरण कर दिया गया है। जेल में निरुद्ध ये थे गैंगस्टर इनमें कौशलेश त्रिपाठी डेरावारी लालपुर इलाहाबाद, बांदा जेल, राजेश उर्फ बब्लू जंगीपुर जिला गाजीपुर कौशांबी जेल, मो. रईश उर्फ बउवा अरबपुर कोतवाली सदर, रायबरेली जेल, अंशू उर्फ फैजान सनगांव कोतवाली सदर, रायबरेली जेल व मोहम्मद वली सादीपुर सदर कोतवाली- कानपुर नगर, जेल भेजे गए हैं।