यमुना सीमा क्षेत्र में एक दशक पहले दहशत और आतंक का पर्याय रहे ठोकिया गैंग के सदस्य को पुलिस ने असलहों की तस्करी में गिरफ्तार किया है।
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यमुना सीमा क्षेत्र में एक दशक पहले दहशत और आतंक का पर्याय रहे ठोकिया गैंग के सदस्य को पुलिस ने असलहों की तस्करी में गिरफ्तार किया है। पुलिस पर फायर कर आरोपी का चचेरा भाई फरार हो गया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने ठोकिया गैंग के सदस्य होने और उसके लिए असलहे बनाने का काम करना भी कबूला है। गैंग के खात्मे के बाद वह असलहा तस्करी का कारोबार कर रहा था।
पुलिस लाइन में एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि असोथर व गाजीपुर थाना पुलिस संयुक्त रूप से जागेश्वर धाम तिराहे पर गुरुवार को संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बांदा जिले के असलहा कारोबारियों के बाइक से जाने की सूचना मिली। तिराहे के पास पुलिस को देखकर अंदमऊ गांव से बाइक सवार दो लोग वापस लौटने लगे। पुलिस के पीछा करने पर एक बदमाश फायरिंग कर भाग निकला। बाइक चला रहे हीरालाल यादव उर्फ राजकमल यादव (निवासी बेहुजा थाना बबेरू जिला बांदा) को गिरफ्तार कर लिया।
हीरालाल के पास से एक बोरी में 11 कट्टे 315 बोर व चार कट्टे 312 बोर व नौ कारतूस बरामद हुए। हीरालाल ने पुलिस को बताया कि वह चचेरे भाई वीरन यादव के साथ असलहों की सप्लाई देने लालगंज रायबरेली जा रहा था। एसओ राजेश मौर्य ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास बांदा जिले के बबेरू, बदौसा, तिंदवारी, अतर्रा समेत कई थानों में दर्ज हैं। उसके खिलाफ अधिकांश मामले डकैती और लूट के हैं। उसके खिलाफ 2004 में अंतिम एफआईआर बदौसा थाने में डकै ती की दर्ज है। हीरालाल चित्रकूट, बांदा क्षेत्र में एक दशक पहले सक्रिय रहे ठोकिया गैंग के साथ चलता था। यह बात हीरालाल ने कबूली भी है। सारे असलहे उसके बनाए हुए हैं। वह ठोकिया गैंग के लिए असलहे बनाता रहा होगा।