मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाती सांसद साध्वी निरंजन ज्योति
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खेत का सौदा करने के बाद एक किसान ने फांसी लगा ली। जान देने के पहले उसने जमीन पर आत्महत्या की वजह लिखी, जिसका अधिकांश हिस्सा मिट गया था। पुलिस ने भाई की तहरीर पर तीन सपा नेताओं के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने की रिपोर्ट दर्ज की है। सोमवार देर रात की यह घटना नगर के गदाई मोहल्ले की है।
जान देना वाला किसान शिवपूजन सिंह (52) है। परिजनों ने बताया कि शिवपूजन ने अपने एक बीघा खेत के लिए सपा के नगर महामंत्री नफीस अहमद उर्फ मुन्ना राइन के माध्यम से सपा के खागा नगर अध्यक्ष शिव सिंह यादव और सपा से जुड़े रईस अहमद से 27 लाख का सौदा किया था।
सोमवार को छह लाख पेशगी लेकर एग्रीमेंट कर दिया। इसके बाद रात 12 बजे तक मोहल्ले में ही दुर्गा मंदिर परिसर में चल रही नौटंकी देखी, फिर बाग की ओर चला गया। सुबह जब भतीजा हरिओम बाग में गया तो एक पेड़ से उसका शव लटका था। परिजनों की सूचना पर आई पुलिस ने शव उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुत्र दिलीप ने बताया कि उसे खेत के सौदे की जानकारी नहीं है। पुलिस ने शिवपूजन के भाई बुदान सिंह की तहरीर पर तीनों सपा नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाल शरीफ खान ने बताया कि बुदान सिंह का आरोप है कि जमीन बेचने के लिए जबरदस्ती की जा रही थी।
इसी से शिवपूजन ने जान दी। उन्होंने बताया कि शिवपूजन ने जमीन पर लिखा था- 27 लाख रुपये का खेत सौदा हुआ है, जिसके गवाह शिव सिंह और मुन्ना राईन हैं। रईस अहमद का भी नाम लिखा था। इसके आगे की इबारत मिट गई थी।
किसान की आत्महत्या के बारे में सपा के खागा नगर अध्यक्ष शिव सिंह का कहना है कि उन तीन लोगोें ने 27 लाख रुपये की जमीन का सौदा शिवपूजन से किया था। बात काफी दिनों से हो रही थी। सोमवार सुबह तय हो जाने पर उन्हें छह लाख रुपये तीनों ने मिलकर बयाना दिया। पूरे 11 महीने में रकम देने का एग्रीमेंट भी हुआ। अब रात में परिवार में क्या हुआ, उन्हें नहीं पता। सुबह खुदकुशी की बात सुनकर वे सब अवाक हैं। किसी ने उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा है।