छत के कमरे में सो रहे दंपति की कुल्हाड़ी से काटकर
हत्या कर दी गई। दोहरी हत्या की यह सनसनीखेज वारदात सोमवार रात हथगाम थाना
क्षेत्र के कसेरूवा मजरे गोपालीपुर गांव में हुई। मौके पर खून से सनी दो
कुल्हाड़ियां मिली हैं। हत्या किसने और क्यों की, फिलहाल यह साफ नहीं हो
सका है। पुलिस को शक है कि किसी नजदीकी ने ही संपत्ति के लालच में नि:संतान
दंपति को मौत के घाट उतारा है।
दिवंगत राममनोहर के दो बेटे हैं। इनमें
रामनरेश मौर्या उर्फ पप्पू (45) एक स्कूल का मैजिक वाहन चालक था। दूसरा
बेटा राम प्रकाश है। रामनरेश अपनी पत्नी विमला देवी (42) के साथ मकान की
दूसरी मंजिल पर रहते थे।
सोमवार की रात राम प्रकाश, अपनी पत्नी उमा और मां
कमला देवी के साथ नीचे कमरों में सो रहे थे। हमलावरों ने रात को घर के अंदर
से ही कुल्हाड़ियां उठाईं। इसके बाद दूसरी मंजिल पर पहुंचे और सो रहे
दंपति को काट डाला। हत्यारे कुल्हाड़ियां मौके पर ही छोड़कर भाग गए।
राम
प्रकाश के मुताबित घटना की जानकारी मंगलवार सुबह उस समय हुई जब उनकी आठ
साल की बेटी आकांक्षा स्कूल जाने के लिए दादा रामनरेश को जगाने पहुंची।
कमरे का दरवाजा बाहर से बंद देख वह पीछे वाले दरवाजे से कमरे में पहुंची तो
खून देख चीख पड़ी। चीख सुनकर वह और पड़ोसी पहुंचे तो खून से सने दंपति के
शव पड़े थे। कमरे में जगह-जगह खून फैला था।
सूचना पर एसपी, सीओ, फिंगर
प्रिंट एक्सपर्ट समेत कई पुलिस व प्रशासनिक अफसर पहुंचे। पुलिस ने कई लोगों
से अलग-अलग पूछताछ की, पर कोई सुराग नहीं मिला।
फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने
खून का नमूना और कुल्हाड़ी को जांच के लिए ले लिया। एसओ संजय सिंह ने बताया
कि हत्याकांड में किसी करीबी का हाथ मालूम पड़ रहा है।
पोस्टमार्टम
रिपोर्ट के बाद छानबीन तेज की जाएगी। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया
गया है। पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा ने बताया कि सीओ मदन सिंह और
सीओ जाफरगंज पुरेंद्रू सिंह से भी घटनास्थल की जांच कराई है। फोरेंसिक
एक्सपर्ट को भी कुछ क्लू मिले हैं। दंपति की हत्या के खुलासे के लिए एसओ को
24 घंटे का समय दिया गया है।