थरियांव। स्थानीय पुलिस सोती रही और एसटीएफ इलाहाबाद की टीम ने थरियांव हाईवे पर गुरुवार सुबह हरियाणा की 50 लाख की शराब पकड़ ली। वे डीसीएम से ले जा रहे थे। सफारी से लोकेशन देते चल रहे चार तस्कर भी पकड़े गए हैं।
हथगाम मोड़ पर चेकिंग के दौरान एक डीसीएम व सफारी सवारों को पकड़ा गया। डीसीएम से 990 पेटी शराब में 47520 शीशियां बरामद हुईं। पुलिस की जांच में शराब रेस ब्रांड की निकली। शराब हरियाणा प्रांत की है। आरोपियों के पास से आठ मोबाइल व 13 हजार 600 रुपये बरामद हुए हैं। इलाहाबाद एसटीएफ के एसआई अनिल कुमार सिंह ने आबकारी अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ थरियांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसटीएफ टीम ने करीब तीन माह पहले भी खागा कोतवाली क्षेत्र में शराब रैकेट का भंडाफोड़ किया था। केमिकल से बनाई जाने वाली देशी शराब का अड्डे पकड़ा था।
थानेदार आदित्य सिंह का कहना है कि शराब की कीमत करीब पचास लाख रुपये है। गैंग में शामिल दूसरे आरोपियों की तलाश की जा रही है। वह हरियाणा से शराब लेकर निकले थे। रास्ते में पेटियां उतारते चले जा रहे थे।
ये हुए गिरफ्तारी
- डीसीएम चालक राजेश पुत्र महाबीर (निवासी लोहानी थाना भिवानी प्रांत हरियाणा)
- सफारी से अमरजीत सिंह पुत्र सूरजपाल सिंह (निवासी मीरपुर थाना मलवां फतेहपुर), दीना सिंह पुत्र शीतला सिंह (निवासी धोरहा थाना सुरेरी जिला जौनपुर), संदीप कुमार पुत्र विनोद शरण मिश्रा (निवासी हड़हा थाना अचलगंज जिला उन्नाव)।
इनसेट-
लाखों का माल और कैश 13 हजार
पुलिस बरामदगी में आरोपियों से कैश में सिर्फ 13 हजार छह सौ रुपये की बरामदगी दिखाई गई है। पचास लाख की शराब लेकर निकले तस्करों के पास सफारी और डीसीएम जैसे बड़े वाहन थे। इनके डीजल खर्च समेत तमाम जरूरतें और खाना-पीना होता है। पुलिस के चक्कर में फंसने पर मोटी रकम के लेनदेन की भी गुंजाइश होती है। पुलिस ने मामूली रकम होने का दावा किया है जो महकमे के ही लोगों को गले नहीं उतर रही।
शराब की नहीं कराई जांच
शराब व मादक पदार्थों की धरपकड़ के मामले में आबकारी टीम को नमूने की जांच के लिए बुलाया जाता है। जिसकी जांच करके शराब जहरीली व नकली होने की पुष्टि की जाती है। थानेदार आदित्य सिंह का कहना है कि आबकारी टीम को जल्दबाजी में सूचना नहीं दी जा सकी है।
इनसेट
मीरमऊ का माफिया आईजी की टॉप सूची में दर्ज
जिले के मीरमऊ का शराब माफिया आईजी की टॉप 15 सूची में दर्ज है। उसके खिलाफ शराब तस्करी के 18 मामले कानपुर, लखनऊ समेत जिले के थानों में दर्ज हैं। उसके दो भाइयों राकेश सिंह और समरजीत सिंह के खिलाफ भी करीब 15 मामले दर्ज हैं। तीनों आईजी की टॉप सूची में दर्ज हैं। समरजीत सिंह को औंग पुलिस ने कुछ माह पहले भारी तादाद में नकली शराब बनाने के आरोप में पकड़ा था।