शहर के तांबेश्वर नगर में रहने वाले एक फौजी की पत्नी व बेटी की संदिग्ध हालात में मौत से शहर में सनसनी है। मामला फौजी से जुड़ा होने के चलते पुलिस घर का ताला तोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। सीओ सदर समर बहादुर का कहना है कि मां और बेटी का पोस्टमार्टम लखनऊ में रविवार को हुआ है। किसी की ओर से तहरीर मिलने पर छानबीन तेज की जाएगी।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सेमरहटा गांव के विनोद सिंह सेना में हैं। इन दिनों उनकी तैनाती लखनऊ में बताई जा रही है। फौजी का परिवार तांबेश्वर नगर स्थित आलीशान कोठी में रहता है। कुछ दिन पहले विनोद सिंह यहां आए थे। शुक्रवार की देर शाम किसी कारण से उनकी पत्नी किरन (40) व बेटी गुड़िया(20) की हालत बिगड़ गई।
फौजी दोनों को सदर अस्पताल ले जाने की बजाय सीधे लखनऊ लेकर चले गए। मां व बेटी की रविवार को लखनऊ में मौत हो गई। इसके बाद वहां पोस्टमार्टम कराया गया। इधर, सोमवार को सोशल मीडिया में मां-बेटी की जहर देकर मार डालने की खबर चलने से यहां की पुलिस सक्रिय हुई। दोपहर के वक्त कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ोसियों से मामले की तह तक जाने की कोशिश की लेकिन कोई ठोस सुबूत सामने नहीं आ सका।
पुलिस आलीशान कोठी के सामने काफी देर रही लेकिन मामला फौजी से जुड़ा होने के कारण ताला नहीं तोड़ा। रात में सीओ सदर ने बताया कि फौजी ने दो शादी कर रखी थी। पहली वाली पत्नी से कुछ कहासुनी हुई। उसी के बाद उसने डाई या तेजाब पी लिया। बताया कि दोनों के शवों का लखनऊ में पोस्टमार्टम हुआ है। मौत के कारण अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
फौजी विनोद सिंह कुछ दिन पहले ही शहर स्थित आवास आए थे। शुक्रवार को वह पत्नी किरन, बेटी गुड़िया व बेटा अंकित के साथ तांबेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करने भी पहुंचे थे। उन्हें पड़ोसियों ने मंदिर जाते और फिर लौटते देखा था। उसके कुछ घंटे बाद ही उन्हें पत्नी व बेटी को लेकर लखनऊ जाना पड़ गया।
फौजी विनोद की पत्नी किरन व बेटी गुड़िया की मौत को आत्मग्लानि से जोड़ कर भी देखा जा रहा है। बताते हैं कि फौजी ने अभी छह महीने पहले किसी सपना नाम की युवती से शादी कर ली है। इसे लेकर उनके और पत्नी के बीच तकरार चल रही थी। इसे लेकर फौजी का परिवार तनाव में रहता था।
फौजी विनोद की पत्नी किरन को पांच साल पहले बुखार आया था। जिसके बाद वह कमर से विकलांग हो गई थी। बीमारी के इसी आधार पर फौजी की लखनऊ में तैनाती हो पाई थी। चर्चाओं के बीच यह तथ्य उभर कर सामने आया कि फौजी अपनी दूसरी पत्नी सपना को सेना के दस्तावेज में स्थान दिलाना चाहता था।