लखनऊ के अति व्यस्त इलाके में स्थित एटीएम बूथ पर हत्या और लूट की जैसी वारदात हुई, उससे बूथों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए।
सुरक्षा की बात करें तो शहर में लगे एटीएम बूथों का हाल खराब है। जबकि जिले में बदमाशों के कई गैंग सक्रिय हैं और लगभग हर दिन वारदातें होती हैं। बदमाशों के कभी भी बैंक और एटीएम बूथ रडार पर आ सकते हैं। सिक्योरिटी गार्ड न होने की वजह से एटीएम बूथों में अक्सर लोगों शातिर शिकार बना रहे हैं।
सीन-1
कचहरी रोड स्थित आईसीआई बैंक का एटीएम बूथ लगा है। बूथ में 12 बजकर 45 मिनट में सन्नाटा छाया था। एक उपभोक्ता एटीएम के अंदर गया था। इस समय यहां पर कोई भी सिक्योरिटी गार्ड मौजूद नहीं रहा। आसपास के लोगों ने बताया कि बूथ में कभी किसी गार्ड की मौजूदगी नहीं रहती है।
सीन-2
शहर के बाकरगंज पुराना जीटी रोड पर मनी स्पॉट कंपनी का एटीएम बूथ लगा है। बूथ में 1 बजकर 30 मिनट में एक युवक रुपये निकाल रहा था। एक युवक के रूपये निकाल रहा था। यहां पर दोपहर एक बजे करीब टप्पेबाजी की घटना को अंजाम दिया गया है। इस बूथ में सुरक्षा के लिये किसी गार्ड की मौजूदगी नहीं रही है।
इनसेट
निहत्थे गार्डों के हवाले नोटों भरी मशीन
खागा। बैंक के एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था निहत्थे सुरक्षा गार्डो के जिम्मे है। इनके पास असलहे नहीं हैं। हाथ में डंडे तक नहीं रहते हैं। सुरक्षा व्यवस्था प्राइवेट कंपनियों के भरोसे है।
कंपनियों के ही सुरक्षा गार्ड एटीएम में हाथ बांधे खड़े रहते हैं। यह गार्ड केवल ग्राहकों की लाइन लगाने भर ही काम करते हैं।
नगर के एसबीआई बैंक, बीओबी और आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम लगे हुए हैं। इनकी सुरक्षा निहत्थे गार्डों पर हैं, जिनमें एक किशनपुर रोड पीएनबी बैंक के पास और अन्य दोनों एटीएम बैंकों के भवन में ही लगे हैं। यह सुबह छह बजे से रात दस बजे तक खुले रहते हैं। रात होते ही एटीएम के आसपास सन्नाटा पसर जाता है। निहत्थे सुरक्षा गार्ड केवल ग्राहकों की भीड़ व्यवस्थित करते हैं। बैंक शाखा प्रबंधकों का कहना है कि बैंक नियमों के अनुसार एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।
‘बैंकों के प्रबंधकों को निर्देशित किया जा रहा है कि वह एटीएम की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करें। स्थानीय पुलिस भी क्षेत्र के एटीएम बूथों पर नजर रखेगी।’ - सालिगराम वर्मा, पुलिस अधीक्षक