जाफरगंज (फतेहपुर)। जाफरगंज थाने के लालपुर दरौटा गांव में दुष्कर्म की आरोपी कल्लू कमांडर की मौत के मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ बलवा और हत्या की एफआईआर दर्ज की है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है।
गांव निवासी कल्लू कमांडर (50) का शव गन्ने के खेत में शुक्रवार को मिला था। उसके खिलाफ बुधवार को गांव की एक महिला के साथ नौ अप्रैल को दुष्कर्म करने की एफआईआर हुई थी। भाई अमर सिंह ने बताया कि कल्लू के खिलाफ गलत आरोप लगाए गए थे। महिला खेत से गेहूं की बालियां चुराकर ले जा रही थी। रोकने पर गांव रोते बिलखते आई थी। भाई पर आरोप लगाने लगी थी। उसके बाद महिला से जुड़े सात लोग नलकूप पहुंचे और भाई को अगवा कर ले गए। उसकी हत्या करके बुधवार को खेत मेें लाश फेंक कर फरार हो गए थे।
इधर, पूरा परिवार भाई की खोजबीन करते रहे लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था। महिला के आरोप लगाने की वजह से थाने में शिकायत करने नहीं गए थे। दूसरी ओर महिला पक्ष का कहना है कि उनकी थाने में सुनवाई नहीं की गई थी। तब वह एसपी के पास तहसील दिवस में पहुंची थी। एसपी के आदेश पर घटना के नौ दिन बाद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। घटना के बाद से कल्लू गांव से भाग गया था। थानेदार एके गौतम ने बताया कि पीड़ित पक्ष रात को तहरीर लेकर आया था। तभी एफआईआर दर्ज की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कल्लू की मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। प्रयोगशाला से विसरा जांच रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट होगा।