न्यू सिविल लाइंस में रह रहे प्रापर्टी डीलर की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव बुधवार सुबह घर में फंदे से लटकता मिला। युवती के भाई के मुताबिक कुछ दिनों से पति-पत्नी में अनबन चल रही थी। भाई का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।
मूल रूप से देहात कोतवाली क्षेत्र के आशा गांव निवासी शिवराज सिंह शहर क ोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला न्यू सिविल लाइंस में रिश्तेदार के मकान में रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी, बेटी मोनिका और बेटा हिमांशू हैं। हिमांशू के दो बेटियां सुहानी (8) व तरू (4) हैं। हिमांशु प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है। मंगलवार रात हिमांशू की पत्नी रिंकी (35) बच्चों के साथ एक कमरे में लेटी थी। हिमांशु व घर के अन्य सदस्य अलग-अलग सोए थे। बुधवार सुबह करीब 5 बजे मोनिका उठी। रिंकी के क मरे की तरफ पहुंची तो दरवाजा खुला था। दोनों बेटियां सो रही थीं और रिंकी का शव कमरे में कुंडी के सहारे फंदे पर लटका था।
यह देख मोनिका चीख पड़ी। उसकी चीख सुनकर आए परिजनों ने आननफानन रिंकी को फंदे से उतारा और जिला अस्पताल ले गए। यहां इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सुबोध ने रिंकी को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन से सूचना पाकर शहर कोतवाली के एसआई कयूम अंसारी ने परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सूचना पाकर जिला बाराबंकी के कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लक्ष्मीनगर निवासी रिंकी का भाई रंजीत सिंह मौके पर पहुंचा। रंजीत ने बताया कि 12 साल पहले बहन की शादी हुई थी। कुछ दिनों से बहन-बहनोई में अनबन चल रही थी। फोन पर बातचीत के दौरान बहन ने ही अनबन की बात बताई थी, पर अनबन का कारण नहीं बताया था। सुबह बहनोई ने ही फोन कर रिंकी के फांसी लगाने की जानकारी दी थी। जब वह पहुंचा जो शव अस्पताल में मिला। उसने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की बात कही है। कोतवाल भगवान सिंह ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।