फतेहपुर। कई माह से जेल में बंद लूट के आरोपी अंकुर सिंह ने रविवार रात जेल प्रशासन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर टायलेट क्लीनर पी लिया। इससे जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। उसे फौरन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार आने के बाद उसे वापस जेल अस्पताल में भर्ती किया गया है। बंदी अंकुर सिंह बांदा जिले के अनोहा थानाक्षेत्र में कस्बा निवासी विजय करन का बेटा है। आरोपी को जाफरगंज पुलिस ने लूट के मामले में 23 मई 2016 को जेल भेजा था। पुलिस ने बताया कि बैरक के अंदर शौचालय में सफाईकर्मी रविवार को बचा टायलेट क्लीनर छोड़ गया था। जिसे बंदी ने देख लिया। रात को खाने के बाद उसने तेजाब पी लिया। साथी बंदियों ने हालत खराब देखकर शोर मचाया। बंदी रक्षक मौके पर बैरक में पहुंचे।
जेल अस्पताल से प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल को रेफर किया गया। यहां बातचीत में मीडिया को उसने बताया कि परिवार के लोग उसके मामले की पैरवी नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से कई महीने बाद भी उसकी जमानत नहीं हो सकी है। वह जेल प्रशासन की मदद से वकील करना चाहता है। आरोप है कि जेल में तैनात एक हेड वार्डन से कई बार जेल अधीक्षक और जेलर से मुलाकात कराने को कहा था। इसके बाद भी उसकी मुलाकात नहीं कराई गई। उसे डांट डपट दिया जाता था। दूसरी ओर जेल अधीक्षक एके सिंह का कहना है कि बंदी का आरोप गलत है। उसने नाजुक अंग में दर्द होने की बात हेड वार्डन से की थी। इस समस्या के लिए जेल में डाक्टर रहते हैं। इसके लिए जेल अधिकारियों से मुलाकात की जरूरत नहीं है। बंदी नशेड़ी किस्म का है और उसके मुलाकाती भी नहीं आते हैं। इसी तनाव में टायलेट क्लीनर पी लिया है।