खागा। एसबीआई बैंक शाखा से एक लाख 83 हजार कैश से भरा बैग उड़ा ले जाने वाले की पुलिस तेजी से छानबीन में जुटी है। बैंक के सीसीटीवी फुटेज से मिले आरोपी का चेहरा ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। एक संदिग्ध को पुलिस ने उठाया है। पुलिस उसके चेहरे के साथ फुटेज का मिलान कर रही है।
चौक बाजार निवासी बुद्धसेन केशरवानी का बेटा विजय केशरवानी मंगलवार को एजेंसी का कैश जमा करने बैंक गया था। तभी उसका बैग पास की सीट पर बैठा लुटेरा कैश काउंटर में रखा बैग उड़ा कर भाग गया था। पुलिस खोजबीन के दौरान पता चला है कि लुटेरा स्टेशन से ईरिक्शा से बैंक पहुंचा था। पुलिस ने ई रिक्शा चालक की तलाश की है। पुलिस ने चालक से आरोपी की बोली भाषा के बारे में पूछताछ की। फुटेज दिखाकर आरोपी का हुलिये का मिलान कराया। पुलिस ने बैंक के पास से ही एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। उससे पुलिस पूछताछ की जा रही है। संदिग्ध से घटना का राज सामने आने के कयास लगाए जा रहे हैं। कोतवाल अनिल कुमार राय ने बताया कि संदिग्ध युवक की छानबीन की जा रही है। घटना का जल्द खुलासा होगा।
पुलिस सक्रियता की पोल खोल रही हैं घटनाएं
खागा। पुलिस बैंकों में जाकर छानबीन के साथ संदिग्धों की तलाशी भी लेती है। इसके बाद भी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इससे पुलिस की सक्रियता की पोल खुल गई है। व्यापारी के बेटे विजय के साथ मंगलवार को हुई घटना के ठीक एक दिन पहले सोमवार को मांझखोर गांव निवासी दमड़ी शाह अपनी बेटी सायरा बानो के साथ बैंक आए थे। बैंक से 49 हजार निकाल कर बाईपास चौराहा जाने लगे। तभी मौरंग मंडी के पास बाइक सवार रुपये ले उड़े थे। इसके पहले सुल्तानपुर घोष थाने के अल्लीपुर बहेरा गांव निवासी मोहम्मद सामूल, लाडलेपुर गांव निवासी रिटायर्ड रेलवे कर्मी गुरुप्रसाद को दो माह पहले लूटा गया था। सीओ सुनील कुमार ने बताया कि पहले की घटनाओं के लुटेरे पकड़े जा चुके हैं। फिलहाल के मामलों में जांच की जा रही है।
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