इलाहाबाद बैंक कलक्टरगंज से एक लाख रुपया निकाल कर साइकिल से लौट रहे रिटायर्ड दारोगा से सोमवार दोपहर टप्पेबाजी हो गई। साइकिल सवार तीन युवकों ने साइकिल में सुतली फंसी होने की बात कहकर पहले पीड़ित का ध्यान बंटाया और फिर पैसे लेकर चंपत हो गए। कोतवाली पुलिस एफआईआर दर्ज कर हुलिए के आधार पर पड़ताल कर रही है।
शहर के हरिहरगंज की कृष्णा कालोनी निवासी हृदयराम शुक्ला सिविल पुलिस में दरोगा थे। पिछले दिनों उन्होंने एक प्लॉट खरीद रखा है। इस पर निर्माण के लिए वे दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे साइकिल से कलक्टरगंज के इलाहाबाद बैंक पहुंचे। वहां से एक लाख रुपया निकाला और रकम झोला में रखकर हैडिंल मेें टांग दी। यहां से उन्हें केनरा बैंक जाना था। इस बैंक में गैस सब्सिडी का मिलने वाला पैसा चढ़वाना था।
वह वर्मा तिराहा साई मंदिर के पास पहुंचे। तभी उन्हें साइकिल वजनी मालूम हुई। इसी बीच पीछे चल रहे तीन साइकिल सवार युवकों ने आवाज दी कि दादा आपके पहिए में सुतली फंस गई है। उतर कर देखा तो वास्तव सुतली फंसी थी। वे सुतली हटाने लगे। इसी दौरान तीनों युवक भी साइकिल से उतरकर मदद करने लगे। नाटे कद के युवक ने कहा कि दादा आपकी जेब से रुपये भी गिर गए। उन्हें लगा कि हो सकता है कि सुतली हटाते वक्त ऊपर वाली जेब में रखे रुपये गिर गए हों। युवकों की नीयत से वे अनजान थे।
वह सड़क पर पड़े 20-20 के दो और 10-10 के तीन नोट उठा कर जैसे ही उठे तो देखा कि साइकिल में टंगे झोले की चेन खुली थी तीनों युवक गायब थे। झोले से पूरी रकम निकाल ली गई थी। उन्होंने तुरंत 100 नंबर पर सूचना देकर एसपी को भी मामले की जानकारी दी। उधर, कोतवाल दीपक पांडेय ने बताया कि रिटायर्ड दारोगा की तहरीर पर एफआईआर लिख ली गई है। उन्होंने तीनों युवकों को हुलिया भी बताया है। पुलिस पड़ताल कर रही है।
इनसेट:
अगर हमारा पैसा होगा, तो जरूर मिलेगा
टप्पेबाजी के शिकार रिटायर्ड दारोगा हृदयराम शुक्ल ने कहा कि उन्होंने ईमानदारी से नौकरी की है। अगर मेहनत का पैसा होगा तो ईश्वर पर भरोसा है जरूर मिलेगा। एक बार फतेहगढ़ में उन्हें नौकरी में पांच लाख रुपया गिरा मिला था। उसे तुरंत लौटा दिया था। एसपी से ईनाम भी मिला था।
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