हत्या के बाद रोते बिलखते पहुंचे परिजन
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सदर कोतवाली क्षेत्र के सिंधी भट्ठे पर सोमवार देर शाम एक वृद्धा की वजनी चीज से सिर और चेहरा कूंचकर हत्या कर दी गई। छोटे बेटे का आरोप है कि लूट के लिए उसकी मां को किसी ने मार डाला। घर से सात हजार रुपये गायब हैं। उधर, पुलिस मवेशी के हमले से मौत की दलील दे रही है।
पटेलनगर के सिंधी भट्ठा निवासी गोमती देवी यादव (65) के पति देशराज यादव रेलवे कर्मी थे। दस साल पहले उनकी मौत के बाद बड़े बेटे वीरेंद्र को मृतक आश्रित में रेलवे में नौकरी मिल गई। वह रेलवे कालोनी में परिवार सहित रहते हैं। मंझला बेटा भोला नासिरपीर मोहल्ले में परिवार के साथ किराए पर रहकर मजदूरी करता है। छोटा अविवाहित बेटा शत्रुघ्न मां के साथ रहता था। यह कचेहरी में किसी अधिवक्ता के साथ मुंशी का काम करता है। दो बेटियां अपनी ससुराल में हैं।
खंडहरनुमा घर में रहने वाली गोमती देवी ने गाय पाल रखी थी। छोटे बेटे शत्रुघ्न ने बताया कि वह शाम छह बजे घर लौटा और दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। पीछे के रास्ते से दीवार फांदकर जब अंदर दाखिल हुआ तो मां औंधे मुंह चुल्हे के पास पड़ी थी। सिर से ताजा खून बह रहा था। पास रखा बक्सा खुला पड़ा था और समान बिखरा था। देखा तो मां की मौत हो चुकी थी।
बक्से में रखे सात हजार रुपये उसमें नहीं थे। घटना की जानकारी उसने पुलिस और पड़ोसियों को दी। घटना की सूचना पर तुरंत अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार फ्रिंगर प्रिंट टीम के साथ पहुंचे। टीम ने घटना स्थल पर फ्रिंगर प्रिंट लिए। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सीओ सिटी कपिल देव मिश्रा का कहना है कि प्रथम दृष्टया वृद्धा की मौत मवेशी के हमले से होना लग रहा है। वृद्धा के शव के कुछ फासले पर मवेशियों के पैरों के निशान मिले हैं। बक्से की चाबी यथास्थान पर रखी थी। बक्सा अपने स्थान पर खुला जरूर मिला है। सिर पर सिर्फ एक गहरे चोट का निशान है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और साफ हो सकेगी।