हरिहरगंज मोहल्ले नप्पीहाता में परवीन की हत्या की गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो गई। परवीन को बुधवार की देर दोपहर या शाम को (करीब 48 घंटे पहले) मुंह और नाक दबाकर मारा गया था। वहीं शक के दायरे में आए उसके पिता और भाई को पुलिस 24 घंटे बाद भी तलाश नहीं पाई है।
बता दें कि नप्पीहाता निवासी अब्दुल रहमान की बेटी परवीन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी और घर में ही दूध का चट्टा संचालित करती थी। उसकी लाश घर के पीछे वाले कमरे से गुरुवार रात पुलिस ने बरामद की थी। पिता और भाई इमरान फरार हैं। पुलिस ने शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करीब 48 घंटे पहले हत्या होने की बात सामने आई है। यह अवधि पोस्टमार्टम होने के समय से जोड़ी जाती है। माना जा रहा है कि इसी वजह से शरीर के अंगों से खून का रिसाव शुरू हो गया था। उसकी जीभ और प्राइवेट अंग भी बाहर निकल आए थे।
एसपी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद टीमें भेजी गई थी। सभी टीमें खाली हाथ लौट आई हैं। पुलिस ने अब्दुल रहमान के दामाद इस्लाम को कोतवाली में बैठाकर लंबी पूछताछ की। करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद भी कुछ खास सामने नहीं आ सका है। दो डाक्टरों के पैनल डॉक्टर आदर्श और डाक्टर हरगोविंद व पोस्टमार्टम प्रभारी दिलीप सिंह की देखरेख में वीडियोग्राफी में पोस्टमार्टम कराया गया है।
परवीन के पास एक मोबाइल था। परवीन के पास मोहल्ले का ही एक व्यक्ति दूध लेने 20 अप्रैल की रात गया था। उसने गेट पर आवाज लगाई थी लेकिन परवीन बाहर नहीं आई। उसके पास परवीन का मोबाइल नंबर था। मोबाइल पर कॉल करने पर पिता अब्दुल रहमान ने रिसीव किया था।
उसने ग्राहक को बताया था कि परवीन बीमार है। इसी वजह से मवेशियों का दूध नहीं निकाला है। उसके हाथ में भी चोट आई है। वह भी दूध नहीं दुह पाएगा। इसके बाद परवीन के नंबर में बातचीत नहीं हुई। मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। पुलिस मोबाइल को खोजने की मशक्कत में जुटी रही लेकिन मोबाइल नहीं मिल सका है।
मृतका परवीन की नौ बहनें थी। सभी से परवीन के अच्छे संबंध थे। परवीन की बड़ी बहन नजमा पत्नी असलम निवासी मोहल्ला सादीपुर के घर में 27 अप्रैल को शादी है। इस अवसर पर हिस्सा लेने सारी बहनें सादीपुर में इकट्ठा हो रही थी। कई बहनें और उनका परिवार शादी समारोह में आया था। खुशियों में शामिल होने आए परिवारों को परवीन की मौत से गम में शामिल होना पड़ा है।
परवीन की बड़ी और छोटी बहनें रेशमा पत्नी मोहम्मद अनीस, शबनम पत्नी टिल्लू निवासी बेकनगंज, बेगमा पत्नी मोहम्मद ताज निवासी चमनगंज, चंदा पत्नी असलम निवासी चमनगंज, शमीमा पत्नी रिजवान निवासी कर्नलगंज कानपुर में रहती हैं। वहीं सहाना पत्नी तौफीक निवासी उदयगंज लखनऊ, मौसमा पत्नी नसीम निवासी कैंट आगरा है। शहर के कलक्टरगंज में आसमा पत्नी इस्लाम और नजमा सादीपुर में रहती है।