मृतका विमला के दरवाजे खड़ा आरोपी का ट्रैक्टर, गली में पसरा सन्नाटा
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मलवां थाना क्षेत्र के सहिली गांव में मां-बेटी की हत्या करने वालों में पांच चेहरे अब तक सामने आए हैं। इनमें दो शख्स पड़ोसी जिले से बुलाए गए थे। अभी षड़यंत्र में कुछ और नामों का खुलासा हो सकता है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीन शख्स अपाचेे और दो शख्स डिस्कवर बाइक से गांव के अंदर के रास्ते से तमंचा लहराते हुए फरार हो गए। पुलिस की 48 घंटे की जांच में यह तथ्य सामने आया है। हालांकि अभी तक उसके हाथ किसी की गिरेबां पर नहीं पहुंचे हैं। केवल करीबी लोगों को दबाव बनाने के लिए उठाया गया है।
परिवार से ही जुड़े सूत्रों की मानें तो परिवार को खत्म करने के लिए पड़ोसी जिले से दो आदमी बुलाए गए थे। यह इस वजह से बुलाए गए कि यदि भतीजे आदित्य व उनके बेटों के हाथ कांपें या निशाना चूके तो ये दोनों मां-बेटी का काम तमाम कर दें। ये दोनों बुधवार रात ही पूर्व प्रधान के पास पहुंच गए थे।
उन्हें अपने कारखाने में पूर्व प्रधान ने रोका था। गुुरुवार सुबह शूटआउट को अंजाम देने अपाचे में आदित्य नारायण के बेटे चंदन और छोटू व लाल रंग की डिस्कवर में आदित्य नारायण दो आदमियों के साथ गया था। तड़ातड़ गोलियां मारने के बाद उन्हीं बाइकों से गांव के अंदर वाले रास्ते से पांचों फरार हुए।
बता दें कि सहिली गांव में संपत्ति हड़पने के लिए पूर्व प्रधान आदित्य नारायण अवस्थी ने अपनी क्लर्क चाची विमला देवी का परिवार सहित खात्मा करने का मन पहले से ही बना लिया था। विमला के घर के सामने ट्रैक्टर खड़ा कर वह इस परिवार को लड़ाई के लिए उकसाना चाहता था, लेकिन विमला बेटी की शादी की वजह से उसकी इस चाल में नहीं फंसी थी।