बृजेश कुमार बकेवर थाना क्षेत्र के लच्छीखेड़ा मजरे देवमई निवासी राजबहादुर का बेटा था। 25 जनवरी को संविदा पर पोस्टमैन के पद पर बिल्हौर डाकघर में नौकरी लगी थी। परिजनों ने बताया कि पिता के मोबाइल पर 11 मार्च को बात हुई थी। उसने त्योहार पर लौटने की बात कही थी, लेकिन दूसरे दिन भी घर नहीं पहुंचा। मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। रिश्तेदारों और संभावित स्थानों में खोजने के बाद बिल्हौर पहुंचे। वहां मकान मालिक से पूछताछ की। मकान मालिक ने बृजेश को अपने दोस्तों के साथ 11 की रात रूम में होने की बात कही। कहा कि इसके बाद दोबारा नहीं देखा गया। पिता राजबहादुर ने बिल्हौर कोतवाली में बुधवार को बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट कराई। इधर, जीआरपी पुलिस को कं सपुर गुगौली रेलवे स्टेशन पर देर रात ट्रेन से युवक के कटने की खबर मिली। पुलिस मौके पर पहुंची। मोबाइल, पहचान पत्र के जरिए शिनाख्त हुई। परिजनों ने बृजेश की हत्या कर रेलवे ट्रैक पर शव फेंकने का आरोप लगाया है। पिता राजबहादुर और मां उमा देवी बेसुध रहे। छोटा भाई रवि हाईस्कूल का छात्र है और तीन बहनें चेतना, काजल , कंचन हैं।
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बहनोई के खाते से निकाले थे रुपये
बृजेश की नौकरी सिर्फ दो माह पहले लगी थी। उसके बहनोई बकेवर के ही मोरारपुर गांव में रहते हैं। बृजेश के करीबी लोगों ने पोस्टमार्टम में बताया कि बृजेश ने बहनोई के बैंक खाते के दस्तावेज हासिल कर रखे थे। उसने दो माह के भीतर खाते से धीरे-धीरे दो लाख 83 हजार रुपये पार कर दिए थे। यह सिलसिला मार्च तक चला। बहनोई को यह शक भी हो गया था। इस वजह से बृजेश काफी तनाव में रहता था। उसे होली पर घर आना था। करीबी मानते हैं कि उससे घरवाले तमाम तरह के सवाल करते और रुपयों का हिसाब भी मांगते। इसी तनाव के कारण आत्महत्या की होगी। उसकी नौकरी में परिजनों के 25 हजार रुपये खर्च हुए थे। हालांकि उसने पिछले माह अपनी तनख्वाह नहीं उठाई थी। वह बंधी रकम तैयार कर रहा था। उसने शायद रुपये लौटाने में विफल होने पर ऐसा किया होगा।