हथगाम थाना क्षेत्र में कारोबारी की हत्या करके लूट को अंजाम देने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछतांछ में आरोपी ने सनसनखेज खुलासा किया।
आरोपी का एक भाई और मामा जेल में बंद हैं। उन्हें छुड़ाने के लिए मोटी रकम की जरूरत थी। जेल से फरमान मिलने के बाद लूट और हत्या को अंजाम दिया गया। एसपी ने दावा किया कि करीब एक माह की पड़ताल के बाद घटना से पर्दा उठ गया है। एसपी ने टीम को पांच हजार का पुरस्कार दिया है।
पुलिस ने सर्विलांस में मोबाइल की बातचीत का सीडीआर, बाइक और बचीखुची लूटी गई रकम बरामद किया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी सालिग राम वर्मा ने पत्रकारों को बताया कि खागा के रामनगर किशनपुर रोड के रहने वाले किराना व्यापारी पंकज केशरवानी 15 फरवरी को तगादा वसूल करके हथगाम से लौट रहे थे।
लाडलेपुर गांव के पास व्यापारी की काली पल्सर सवार तीन बदमाशों ने हत्याकांड को अंजाम दिया था। घटना के खुलासे के लिए सीओ वंदना सिंह के दिशा निर्देशन पर गठित पांच टीमें काम कर रही थी।
पुलिस ने कस्बे से नन्हा यादव पुत्र श्यामलाल यादव निवासी महमदापुर कोतवाली मंझनपुर जिला कौशांबी को गुरुवार की शाम गिरफ्तार किया। उसके पास से लूट के 23 हजार 460 रुपये और काले रंग की पल्सर बरामद हुई।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में बदमाश ने अपने साथियों मुख्तार पुत्र प्यार मोहम्मद निवासी भदौंहा और फरमान पुत्र सिद्दीक निवासी अंजना कबीर थाना खखरेरू को लूटकांड में होना कबूला है। उसने व्यापारी की खागा से रेकी की थी। करीब दस लाख रुपये व्यापारी के पास होने की आशंका थी। लेकिन बैग से दो लाख ही मिले थे। लूट का विरोध करने पर व्यापारी को गोली मार दी थी। इसके बाद उसी बाइक से सैनी पहुंचे थे। उसको 40 हजार रुपये देकर मुख्तार और फरमान चले गए थे। एसपी ने पुलिस को पुरस्कृत किया।