सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के मंडवा और उससे जुड़े
आसपास के गांव में दहशत का माहौल है। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील
दिखा। बवाल के चलते कई लोग घरों में ताला बंद कर सुरक्षित जगह चले गए हैं।
मंडवा गांव में दोनों पक्ष अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि
प्रशासन ने अपनी ओर से उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाने की कोशिश करती दिखी।
मंडवा गांव 75 फीसदी मुस्लिम आबादी है। वहीं बीच-बीच में कुछ घर हिंदू
के हैं। आबादी कम होने से पलायन न करने वाले लोग घरों में कैद दिखे।
दरवाजा खटखटाने के बाद भी वह भीतर से ही बातचीत कर रहे थे।
सुरक्षा का
भरोसा देने के बाद ही लोग घरों से चंद मिनट के लिए बाहर निकले और फिर वापस
हो गए। बातचीत में गांव के संतोष ने बताया कि नवरात्र पर्व पर बच्चे का
मुंडन कराने मैहर गए थे। वहीं बवाल की सूचना मिली।
यहां आ तो गए, लेकिन मन
में डर है। खेत तक जाने की भी हिम्मत नहीं हो रही है। बवाल में अग्रहरि का
खाली पड़ा मकान जला दिया गया था। वहां उन्होंने लकड़ी और कई सामान रखे थे।
खुर्शीद का घर और ट्रैक्टर भी जला पड़ा था।
घर के लोग अपनी बिरादरी के
लोगों के पास बीच गांव में बैठे दिखे। अग्रहरि बिरादरी का ही एक परिवार
बवाल के बाद घर में तालाबंदी करके चला गया है। आसपास के ग्रामीण परिवार के
लोगों के बारे अधिक जानकारी नहीं दे सके।
बताते हैं कि घटना से पहले परिवार
के लोग घर पर थे। उनके घर के ठीक सामने बाइकों को जला दिया गया था। इससे
ही परिवार भयभीत होकर कुछ दिनों के लिए रिश्तेदारों के घर चला गया है। इसी
तरह मोहम्मद सलीम कहते हैं कि बड़े सुकून से जिंदगी कट रही थी, लेकिन कल के
बवाल ने सब छीन लिया है। कल से पूरा परिवार दहशत में है।