बहन के घर इलाज कराने आए भाई ने सोमवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह पेड़ पर उसका शव फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने छानबीन के बाद शव पोस्टमार्टम को भेजा।
बेटे उमेश चंद्र ने बताया कि मलवां थाने के बरमतपुर गांव निवासी रामराज प्रजापति (50) का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। उनका आयुर्वेदिक इलाज चल रहा था। वह दवाए लेने मां के साथ चार दिन पहले गाजीपुर के चकसकरन गांव निवासी बहन रामदुलारी के घर गए थे। सभी रात को खाना खाकर सो गए थे। परिवार की सुबह नींद खुली तो रामराज को बिस्तर पर न देखकर खोजबीन शुरू की गई।
चकसकरन से दो किमी दूर बरौहा गांव किनारे राजेंद्र श्रीवास्तव के खेत में नीम के पेड़ पर उनका शव गमछे के फंदे से लटका मिला। रामराज की तीन बेटियां अंजली देवी, मानसी और क्षमा देवी हैं। उसकी पत्नी गीता देवी का रो-रो कर बुरा हाल रहा। सूचना पर बहुआ चौकी प्रभारी किशन सिंह पहुंचे। चौकी इंचार्ज ने बताया कि मानसिक हालत ठीक न होने के कारण किसान ने आत्महत्या की है।