अधिवक्ताओं व समर्थकों के साथ खागा विधायक कृष्णा पासवान।
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क्षेत्र में बलवा, सड़क जाम, सरकारी संपत्ति नुकसान समेत कई धाराओं में नामजद खागा विधायक कृष्णा पासवान व चेयरमैन प्रतिनिधि राम गोपाल ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इन पर वर्ष 2012 में हाईवे जाम करने पर ये आरोप लगाए गए थे और कोतवाली में 65 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई थी। बाद में डीजे कोर्ट से दोनों को अंतरिम जमानत मिल गई।
शासकीय अधिवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि घटना नौ अगस्त 2012 की है। खागा विधायक व चेयरमैन प्रतिनिधि दोनों ने अधिवक्ता बलिराज उमराव के जरिए अपर सीजेएम कोर्ट नंबर दस अच्छेलाल के यहां सरेंडर किया। लोअर कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी। इसके बाद डीजे कोर्ट ने विधायक और चेयरमैन प्रतिनिधि क ो अंतरिम जमानत देकर रिहा कर दिया। अधिवक्ता बलिराज उमराव ने बताया कि अभी अंतरिम जमानत मिल गई है।
छह फरवरी को पुन: सुनवाई होगी। दूसरी ओर विधायक कृ ष्णा पासवान का कहना है कि उन्होंने जनता को पानी, बिजली न मिलने पर आंदोलन किया था। अधिकारियों के न सुनने पर लोग गुस्से में थे, इससे चार घंटे तक हाईवे पर जाम रहा। सपा सरकार के इशारे पर उनके समेत 65 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। जन समस्याओं के लिए नेता नहीं लड़ेगा तो किसके लिए लड़ेगा। कोर्ट परिसर में विधायक के समर्थक एवं भाजपा नेता आशीष मिश्रा, रोहित सिंह, विक्रम सिंह, खागा चेयरमैन गीता सिंह, पुष्पराज पटेल, शोभा अग्रवाल, शिवम मौजूद रहे।