जुलूस के दौरान हुए पथराव के बाद जहानाबाद में हुआ तनाव शुक्रवार को दूसरे
दिन भी बरकरार रहा। पूरे इलाके में अघोषित कर्फ्यू सा माहौल है। पुलिस लगी
हुई है। पुलिस ने ढाई सौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया है। इसमें 37
नामजद हैं। रात में हुई ताबड़तोड़ छापेमारी में 27 लोगों को गिरफ्तार किया
गया है। कमिश्नर, आईजी, डीआईजी इलाके में कैंप कर रहे हैं।
जहानाबाद
कस्बे में गुरुवार को जुलूस के दौरान पथराव, मारपीट, आगजनी व फायरिंग हुई
थी। इसके बाद से आईजी बीबी शर्मा और डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव कैंप
कर रहे हैँ।
शुक्रवार को आला अफसरों ने अलग-अलग बैठकें कर सांप्रदायिक
सौहार्द बनाने की अपील की। चौकसी के बीच सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज
कराई गई। इसके बाद नगर पंचायत में अधिकारियों ने कस्बेवासियों को बुलाकर
बैठक की गई। इसमें दोनों वर्गों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की
गई।
वहीं दूसरी तरफ आरएएफ, पीएसी और पुलिस कर्मी गलियों और मुख्य मार्ग पर
फ्लैग मार्च करते रहे। ज्यादा संवेदनशील मुहल्लों में उन्हें टुकड़ी के रूप
में तैनात कर दिया गया है। जहानाबाद एसओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि 37
लोगों को नामजद के अलावा 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई है।
इन
पर दहशत फैलाने, बलवा, हत्या के प्रयास, पुलिस मुठभेड़, आगजनी, पथराव की
धारा लगाई गई है। इसमें 27 को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगजनी वाले स्थानों
पर थानेदारों की ड्यूटी लगी है। आईजी, डीआईजी, डीएम, एसपी ने बेखौफ होकर
दुकानें खोलने और घराें से बाहर निकलने की अपील करते रहे, लेकिन इलाके में
सन्नाटा रहा।