शहर के एक नर्सिंग होम में पिटाई से घायल तीमारदार
शैलेश गिरी की कानपुर के हैलट अस्पताल में मौत हो गई। आरोप है कि शैलेश को डॉक्टर व उनके स्टाफ ने कमरे में बंद कर
बेरहमी से पीटा था। नाराज परिजनों और समर्थकों ने सोमवार को शव नर्सिंग होम
के बाहर रखकर जाम लगा दिया। दोनों पक्ष में नोकझोंक, हाथापाई हुई। इसके
बाद नर्सिंग होम वाले ताला बंद कर लापता हो गए। परिजनों ने रोड पर जाम लगा
दिया। सूचना पर सर्किल की फोर्स, एएसपी व एसडीएम पहुंचे। एफआईआर दर्ज कर
कार्रवाई का भरोसा देने पर तीन घंटे बाद जाम खत्म हुआ।
बता दें कि
शैलेश गिरि उर्फ बृजेश(28) कोतवाली सदर के गंगानगर मोहल्ला में रहते थे।
इनके एक भाई शैलेंद्र उर्फ पिंटू हैदरगढ़ बाराबंकी में उपनिरीक्षक हैं।
शैलेश के रिश्तेदार प्रीतम का बांदा जिले के पैलानी थानान्तर्गत गढौला गांव
में घर है। प्रीतम को लीवर की समस्या एक हफ्ते पहले हुई थी। परिवार ने
इन्हें फतेहपुर के पथरकटा स्थित करुणा जीवन ज्योति नर्सिंग होम में भर्ती
कराया था।
परिजनों के मुताबिक शनिवार को शैलेश नर्सिंग होम में प्रीतम को
देखने पहुंचे। वहां रिश्तेदार की हालत बिगड़ी देखकर नर्सिंग होम स्टाफ से
उसे रेफर करने की मांग की।
आरोप है कि जिसे नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर अमित
मिश्र ने रेफर करने से मना कर दिया था। इसी बात को लेकर शैलेश का विवाद
हुआ था। इसी में नर्सिंग होम संचालक और पूरे स्टाफ ने मिलकर शैलेश को
बेरहमी से पीटा।
गार्ड ने बंदूक की बट और स्टाफ ने लात घूंसों से पीटा था।
पुलिस मौके पर पहुंची थी लेकिन मामला रफादफा करा दिया गया था। इधर, परिजनों
का कहना है कि शैलेश की हालत बिगड़ी देखकर वे लोग शैलेश को कानपुर हैलट ले
गए।
जहां पर इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। कानपुर में पोस्टमार्टम
कराने के बाद परिवार के लोग शव को लेकर यहां लौट आए। नर्सिंग होम के सामने
रखकर जाम लगा दिया।
हाथापाई होने पर भीड़ ने नर्सिंग होम में घुसने की
कोशिश। तभी नर्सिंग होम का गेट बंद कर लिया गया। जाम लगाने की खबर पर पुलिस
मौके पर पहुंची। भीड़ और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई।
एडिशनल एसपी आरके
यादव, एसडीएम विवेक श्रीवास्तव और सीओ सिटी वंदना सिंह के समझाने बुझाने के
बाद मामला शांत हो सका। सीओ सिटी ने भिटौरा घाट पर शव का अंतिम संस्कार
कराया।
सीओ सिटी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ
रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। उधर, नर्सिंग होम संचालक डॉ. अमित
मिश्र ने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि शैलेश शराब के नशे में अस्पताल में
अभद्रता कर रहा था। इसी वजह से उसकी पब्लिक के लोगों ने पिटाई की थी। उनका
मामले से कोई लेना देना नहीं है।