पोल पर चढ़ कर 11 हजार वोल्ट की लाइन जोड़ते समय
अचानक करंट आ जाने से एक संविदा कर्मी की मौत हो गई और तार खींचने में
सहयोग कर रहे छह मजदूर झुलस गए। चीख-पुकार मचने से आसपास अफरातफरी का माहौल
हो गया। कई लोगाें ने दौड़कर गांव में मदद की पुकार लगाई तो ग्रामीण दौड़े
और जैसे-तैसे सभी को अस्पताल भेजा। इधर, गुस्साए ग्रामीणों ने दो घंटे तक
शव नहीं उठने दिया। एसडीओ, जेई और एसएसओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर
भीड़ शांत हुई। तब पुलिस कर्मी शव पोस्टमार्टम हाउस ले जा सके।
जानकारी
के अनुसार, असोथर थाना क्षेत्र के अंदमऊ गांव निवासी झूरीलाल का पुत्र
सुरेंद्र(25) गांव के राजेश के साथ गाजीपुर उपकें द्र में संविदा पर मजदूरी
करता था। उपकेंद्र से घंघौल-असोथर गांव की ओर जाने वाली लाइन दो दिन से
टूटी पड़ी थी।
परिजनों ने बताया कि सुरेंद्र को तार जोड़ने के लिए भेजा गया
था। बिलारीमऊ और घंघौल गांव के बीच में लगे पोल पर सुरेंद्र शटडाउन लेकर
चढ़ा था। तार जोड़ते समय अचानक उपकेंद्र से बिजली की सप्लाई शुरू कर दी गई।
लाइन में करंट दौड़ने से सुरेंद्र पोल पर ही चिपक गया और जलने लगा। कुछ
देर बाद पोल से जमीन पर गिरकर उसकी मौत हो गई। वहीं मजदूर राजेश, महेश,
रिंकू, अनिरुद्ध, गूंगा निवासी छिछनी और कल्लू निवासी बिलारीमऊ नीचे तार
पकड़े थे, वे सभी झुलस गए।
घटना की सूचना पर ग्रामीण और कुंसुभी गांव के
पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र चौहान मौके पर पहुंचे और झुलसे मजदूरों
को अस्पताल भेजकर विद्युत सप्लाई बंद कराई। हादसे की खबर पर पुलिस पहुंची।
ग्रामीणों ने एफआईआर और बिजली विभाग के अधिकारियों को बुलाने की मांग पर
शव नहीं उठाने दिया। सूचना पर सीओ मदन सिंह और गाजीपुर एसओ श्रवण कुमार
सिंह पहुंचे।
सीओ और कानूनगोेके आश्वासन पर मामला शांत हो सका। एसओ सुभाष
चंद्र चौरसिया ने बताया कि बिजली विभाग के क्षेत्रीय एसडीओ, जेई, एसएसओ के
खिलाफ गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।