सदर कोतवाली क्षेत्र के अस्ती इलाके में हनीफ हत्याकांड को प्रशासन संवेदनशील मान रहा है। इसी वजह से डीएम के आदेश पर रातोंरात शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फोर्स की मौजूदगी में शुक्रवार सुबह ही शव को दफनभी करा दिया गया। गांव में पुलिस की गश्त रही। हत्या की मूल वजह तलाशने पुलिस आरोपी से मिलने जिला अस्पताल पहुंची। हालांकि पूछतांछ से हत्या की ठोस वजह नहीं मिल पाई।
अस्ती के निवासी हनीफ शाह (65) की गुरुवार को गड़रियनपुरवा निवासी अजय पासवान ने ईंट से कुचल कर हत्या कर दी थी। काफी हंगामा भी हुआ था। गुस्साई भीड़ ने आरोपी को जमकर पीटा, छुड़ाने पहुंची पुलिस से भी धक्कामुक्की हुई। ईंट से कूंचे जाने से हनीफ का आधा चेहरा ही गायब हो गया था। पुलिस ने शव को गुरुवार रात क रीब 12 बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द किया। सुबह जेल चौकी इंचार्ज छविनाथ सिंह समेत भारी पुलिस की मौजूदगी में शव को दफन कराया गया।
कोतवाल दीपक पांडेय आरोपी से पूछताछ करने जिला अस्पताल पहुंचे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह इतने में नशे में था, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। उसे हनीफ तीन-तीन दिखाई पड़ रहे थे। उसकी कोई दुुश्मनी भी नहीं थी। उसे सिर्फ मारपीट की घटना याद है। उसके हाथों किसका और कैसे कत्ल हो गया है इसकी जानकारी नहीं है।
अस्ती इलाके में हनीफ हत्याकांड से गुस्साए ग्रामीणों ने हत्यारोपी के बचाव में आई पुलिसकर्मियों को भी नहीं छोड़ा था। इससे शहर पुलिस हमलावर ग्रामीणों से भी नाराज है। पुलिस ने इलाके में मुखबिर अलर्ट किए हैं और बलवाइयों में शामिल लोगों की सूची तैयार कर रही है।
हत्यारोपी अजय पासवान को घर से घसीटकर ग्रामीण मार डालने के नीयत से पीट रहे थे। इसी दौरान शहर कोतवाल दीपक पांडेय, जेल चौकी इंचार्ज छविनाथ सिंह यादव, सिपाही रवि शंकर दुबे, सिपाही संतोष कुमार, सिपाही अजीत यादव, सिपाही पुष्पराज बचाने पहुंचे थे। सैकड़ों की भीड़ के आगे नाममात्र फोर्स था। बीचबचाव में पुलिस को ग्रामीणों के लाठी डंडे सहने पड़े। इस दौरान सिपाही रवि शंकर दुबे का हाथ फैक्चर हुआ। कोतवाल व बाकी पुलिसकर्मी भी चुटहिल हो गए। पुलिसकर्मियों के मोबाइलों का भी पता नहीं लगा है। बता दें कि कोतवाल दीपक पांडेय को दस दिन पहले की चार्ज मिला है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, करीब तीन सैकड़ा लोगों के खिलाफ बलवे और पुलिस तंत्र पर हमले की एफआईआर दर्ज करने की योजना बनाई है। कोतवाल दीपक पांडेय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
हनीफ हत्याकांड का हत्यारोपी अजय पासवान पुलिस की पूछताछ में हर बार बयान बदल रहा है। अजय ने पुलिस को बताया है कि वह वोट डालने अस्ती गया था लेकिन उसे वोट नहीं डालने दिया गया। उसने गांजा और शराब दोनों पी रखी थी। वह कभी दो साल से पत्नी के मायके से न आने के गम में परेशान रहने की बात कहता है तो कभी कुछ। हत्यारोपी के पिता ने बताया कि उसके बेटे की करीब दस दिन से तबियत बिगड़ी थी। बड़ी बहू को दस दिन पहले अजय ने बाल पकड़कर पटक-पटक कर पीटा था।