पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गमगीन परिजन।
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हलवाई ने शनिवार सुबह संदिग्ध हालात में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जा रहे थे। पुलिस ने रास्ते में शव को रुकवा लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस दौरान परिजनों से नोकझोंक भी हुई।
शहर कोतवाली क्षेत्र के न्यू कालोनी ज्वालागंज निवासी रामचंद्र के बेटे बृजेश कुमार उर्फ पिंटू (40) की बस अड्डे के पास मिठाई की दुकान है। भाई नरेश ने बताया कि सारे भाइयों के अलग मकान हैं। छोटा भाई बृजेश कुछ दिनों से मानसिक उलझन में था। सुबह अचानक चीख पुकार सुन भाई के घर पहुंचे। बृजेश अचेत हालत में बिस्तर पर पड़ा था। परिजन नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित बताया।
चौकी इंचार्ज कैलाश नाथ ने बताया कि यूपी 100 नंबर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। इलाकाई लोगों से कमरे में फांसी लगाने की बात सामने आई। परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। तभी रास्ते में शव को रोका गया। गले में चोट के निशान मिले। आत्महत्या का मामला होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पूछताछ की जाएगी।
वहीं, इलाके के लोगों ने बताया कि बृजेश व्यापारियों का रुपया जमा करा बीसी चलाता था। कुछ लोग बीसी खुलने पर रुपया हड़प गए थे। जिससे वह कर्जदार हो गया था। व्यापारी रकम की वापसी का दबाव बनाते थे। यह आत्महत्या की वजह हो सकती है। वह चार भाइयों राकेश, मुकेश, नरेश से छोटा था। घटना से पत्नी ऋषिबाला का हाल बेहाल हो गया। उसके दो बच्चियां महक और परी हैं।