एसपी के पीछे पुलिस हिरासत में खड़ा हत्यारोपी छोटेलाल। अमर उजाला
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फतेहपुर। अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए एक निर्दोष की हत्या कर खुद को मरा साबित कर देने वाला शातिर छोटेलाल पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने इसके लिए गांव के ही अपनी कदकाठी वाले सवानियां की हत्या की। उसे अपने कपड़े पहनाए। उसका धड़ कुएं में फेंका। इसके बाद सिर, दायां हाथ और कुल्हाड़ी को यमुना नदी में फेंककर लापता हो गया था। शातिर ने अपने परिजनों से शव की शिनाख्त अपने रूप में कराकर खुद को कामयाब समझ लिया था। पर, जिस निर्दोष की हत्या हुई उसकी भांजी ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस के न सुनने पर कोर्ट गई और अंतत: पुलिस को शातिर छोटेलाल तक पहुंचा कर ही दम लिया।
वाकया ललौली थाने के घनश्याम का डेरा में 2003 का है। सोमवार को आरोपी छोटेलाल की गिरफ्तारी के बाद एसपी राहुल राज ने पूरे घटनाक्रम का राजफाश किया। उन्होंने बताया कि छोटेलाल ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। इसके बाद ललौली ललौली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा। पुलिस ने छोटेलाल की गिरफ्तारी उसकी ससुराल दसौली से होने का दावा किया है।
एसपी ने बताया कि ललौली थाने के घनश्याम का डेरा निवासी छोटेलाल का गांव के अर्जुन से जमीन का विवाद था। अर्जुन को हत्या के मामले में फंसाने के लिए छोटेलाल ने यह कुचक्र रचा था। उसने गांव के ही सवनियां उर्फ धनताली की कुल्हाड़ी से गर्दन काट कर हत्या की थी। इसके बाद लापता हो गया था। बेटे के जरिए उसने सवानियां के शव को अपने रूप में शिनाख्त करवा लिया था। इस मामले में छोटेलाल की हत्या में अर्जुन आदि अन्य अज्ञात नामजद थे।
बता दें कि इधर, सवानियां की भांजी रजोलिया को शक हो गया कि छोटेलाल जिंदा है और जिसकी हत्या हुई वह उसका मामा है। उसने 2009 में कोर्ट से छोटेलाल के खिलाफ रिपोर्ट का आदेश कराया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। 2016 में एफआईआर दर्ज तो हुई, लेकिन विवेचना नहीं हुई। हाईकोर्ट ने अंतिम बार 24 अप्रैल को थानेदार को तलब कर फटकार लगाई तब पुलिस सक्रिय हुई। महाराष्ट्र से छोटेलाल को पुलिस पकड़ लाई है। अभी इस मामले में छह लोग नामजद हैं। दूसरी ओर एसपी ने हत्यारोपी को पेश करते हुए ललौली एसओ राजेश कुमार मौर्य व उप निरीक्षक मुमताज खान को 20 हजार के इनामी हत्यारोपी को गिरफ्तार करने पर शाबासी दी है।