अस्ती गांव में दिनदहाड़े हत्या के बाद ग्रामीण गुस्से से तमतमा उठे। वे लोग किसी हालत में भी आरोपी को छोड़ना नहीं चाहते थे। पुलिस उसे छुड़ाने लगी तो ग्रामीण भड़क गए। छीनाझपटी, खींचतान में पुलिस कर्मियों को चोट लगी। आरोपी को भीड़ से बचाने में उनकी वर्दी खून से लाल हो गई।
अस्ती गांव के हनीफ शाह की बेरहमी से हत्या करते देख प्रत्यक्षदर्शी किराना व्यापारी अउवा, इम्तियाज, इंद्राज दौड़कर पहुंचे थे। उन लोगों ने हनीफ को दबोचने की कोशिश की तो आरोपी ने पथराव कर दिया। गांव के ही एक और युवक ने पीछे से हत्यारोपी कीपीठ पर डंडे से प्रहार किया। खुद को फंसता देखकर आरोपी अजय मौके से भागने लगा। वह भागकर अपने गांव गड़रियनपुरवा में जा छिपा। घर के अंदर से ग्रामीण उसे घसीटकर बाहर लाए। उसकी पिटाई करने लगे
तो पुलिस पहुंच गई। पुलिस से ग्रामीणों की जमकर नोकझाेंक हुई। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस से छीनाझपटी और धक्कामुक्की शुरू कर दी। इससे सिपाही रविशंकर दुबे को चोट लगी। कोतवाल दीपक पांडेय और चौकी इंचार्ज छविनाथ सिंह भीड़ के बीच घुसकर आरोपी को जैसे-तैसे बाहर निकाल सके। चौकी इंचार्ज की वर्दी खून से रंग गई। इस घटनाक्रम में कोतवाल, एक दरोगा व एक सिपाही का मोबाइल भी खो गया है।