गुरुवार की दोपहर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) के आवास
में घुसे बदमाश उनके नौकर को बंधक बनाने के बाद लूटपाट कर फरार हो गए।
किसी तरह आवास की चहारदीवारी फांदकर नौकर बाहर निकला और घटना चुनाव ड्यूटी
करने गई डीडीओ को सूचना दी। सूचना पाकर पहुंची कचहरी चौकी पुलिस और फिंगर
एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल की छानबीन की।
सिविल लाइंस इलाके में अपर
पुलिस अधीक्षक के बगल में कई अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। सबसे पहला
आवास डीडीओ मिथलेश सचान का है। वह गुरुवार सुबह चुनाव ड्यूटी में भिटौरा
ब्लाक गई थीं।
घर में उनका नौकर रामशरण मौजूद था। रामशरण के पास मोबाइल
नहीं है। रामशरण ने बताया कि मैडम से शाम को खाने में क्या बनाना है, यह
पूछने के लिए उनके दफ्तर टेलीफोन करने गया था।
वह फोन करके वापस आवास लौटा,
तो उसने बाहर के कमरे का दरवाजा खुला देखा। जब अंदर गया तो दो बदमाश खड़े
थे। उसने सोचा कि शायद मैडम ने किसी को कमरे की चाभियां देकर भेजा होगा।
बदमाशों से उसने पूछताछ करने की कोशिश की, तभी दोनों बदमाशों ने उसे बरामदे
के दरवाजे केे अंदर बंद करके बंधक बना दिया। इसके बाद मैडम के कमरे से
सारा माल लेकर बाहर के रास्ते से ही फरार हो गए।
रामशरण बरामदे के पीछे
वाले रास्ते से आंगन की चहारदीवारी फांदकर निकला। इसकी सूचना पर डीडीओ ने
डीएम से बातचीत की और घर लौटी। कचहरी चौकी इंचार्ज सत्यपाल सिंह और फिंगर
एक्सपर्ट की मौके पर पहुंची।
डीडीओ के कमरे की कुंडी काटी गई और अलमारी
कालॉकर भी टूटा मिला। उन्होंने बताया कि बच्चे दिल्ली में पढ़ाई करते हैं।
उन्हें फीस के लिए 70 हजार रुपये भेजने थे, जो घर पर रखे थे।
बदमाश रुपये
और जेवरात ले गए। जेवरातों की कीमत करीब एक लाख बताई है। सीओ सिटी वंदना
सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज करके पड़ताल की जा रही है। जल्द ही
आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।